एग्रसर इंडिया (AgrasarIndia) भोपाल डेस्क टीम
ट्विशा शर्मा मौत मामला: सीबीआई के आरोपपत्र में चैट और व्हाट्सएप संदेशों का खुलासा; मानसिक प्रताड़ना और चीनी निवेश के दबाव का गंभीर आरोप
भोपाल: बहुचर्चित ट्विशा शर्मा आत्महत्या मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) द्वारा अदालत में पेश किए गए 636 पृष्ठ के आरोपपत्र में कई दर्दनाक खुलासे हुए हैं। सीबीआई ने अपनी जांच में पाया कि मृतका को उसके पति समर्थ सिंह और सास (पूर्व जज) गिरिबाला सिंह द्वारा लंबे समय से मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। जांच एजेंसी ने घटना से पहले मां और भाभी को भेजे गए व्हाट्सएप संदेशों को भी आरोपपत्र का मुख्य आधार बनाया है, जो उसकी मानसिक घुटन और गहरी पीड़ा को बयां करते हैं।
मुख्य बिंदु (Highlights)
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सीबीआई का 636 पृष्ठ का चालान: भोपाल की अदालत में दाखिल किए गए आरोपपत्र में पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह को आत्महत्या के लिए उकसाने और प्रताड़ित करने का मुख्य आरोपी बनाया गया है।
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व्हाट्सएप संदेशों के खुलासे: 30 अप्रैल से लेकर 12 मई (घटना के दिन) तक ट्विशा द्वारा अपनी मां और भाभी को भेजे गए संदेशों में लगातार मानसिक उत्पीड़न, अपमानजनक टिप्पणियों और घुटन का जिक्र है।
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चीनी निवेश के ट्रांसफर का दबाव: जांच में सामने आया है कि ट्विशा के डिमैट खाते में चीनी शेयर बाजार में किए गए 20 लाख रुपये से अधिक का निवेश था, जिसे आरोपी अपने संयुक्त खाते में ट्रांसफर कराने का दबाव बना रहे थे।
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पुराना पैटर्न: सीबीआई ने पूर्व में गिरिबाला के बड़े बेटे की पूर्व पत्नी दिव्या सिंह का भी बयान दर्ज किया है, जिसमें बच्चे न होने और नौकरी को लेकर इसी तरह की मानसिक प्रताड़ना दिए जाने का आरोप सामने आया है।
व्हाट्सएप चैट के प्रमुख अंश (तारीखवार)
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30 अप्रैल (मां को संदेश): “ये यहां बात ही नहीं कर रहा है… मुझे प्लेन में भी एंग्जायटी अटैक आया है, मेरा जीवन नरक हो गया है मम्मी।”
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7 मई (मां और भाभी को संदेश): ट्विशा ने अपनी मां से उसे वहां से ले जाने की गुहार लगाई और लिखा कि समर्थ का कहना है कि वे उसे एक साल से झेल रहे हैं। वहीं भाभी राशी को भेजे संदेश में उसने लिखा— “मैं अब टूट रही हूं, मुझे यहां कोई भविष्य नहीं दिख रहा।”
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9 मई (दर्दनाक बयां): पति द्वारा चरित्र पर सवाल उठाए जाने और गर्भपात को लेकर किए गए आपत्तिजनक सवालों से आहत होकर उसने अपनी मां और भाभी को लिखा कि उसका दम घुट रहा है और वह इस रिश्ते को अब और नहीं खींच सकती।
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11 मई (ड्रग्स के झूठे आरोप): उसने मां को संदेश में बताया कि परिवार के लोग उस पर ड्रग्स लेने जैसी अनर्गल और अपमानजनक बातें थोप रहे हैं।
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12 मई (आखिरी संदेश): घटना की रात 9:36 बजे ननद/भाभी को भेजे अपने अंतिम संदेश में उसने लिखा— “उससे कहो कि अपनी पत्नी के बचे हुए हिस्से समेट ले, लेकिन कल… अभी मुझे शांति से मरने दो।”
इस संवेदनशील मामले में सीबीआई द्वारा चालान पेश किए जाने के बाद अब न्यायिक प्रक्रिया और ट्रायल तेजी से आगे बढ़ने की उम्मीद है।




