इसे लेकर भारतीय किसान संघ और कांग्रेस द्वारा जगह-जगह प्रदर्शन किया जा रहा है। शनिवार को किसान कांग्रेस की जिला इकाइयों ने प्रदर्शन किया।

कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन का एआई फोटो।
HighLights
- ग्रीष्मकालीन मूंग का उत्पादन 20 लाख टन के आसपास है।
- चार लाख टन उपार्जन की अनुमति भारत सरकार ने दी है।
- प्रति एकड़ डेढ़ क्विंटल के मान से उपार्जन चल रहा है।
भोपाल। समर्थन मूल्य पर ग्रीष्मकालीन मूंग का उपार्जन चल रहा है। किसान उत्पादन का 25 प्रतिशत के स्थान पर अधिक खरीदी की मांग कर रहे हैं। इसे लेकर भारतीय किसान संघ और कांग्रेस द्वारा जगह-जगह प्रदर्शन किया जा रहा है। शनिवार को किसान कांग्रेस की जिला इकाइयों ने प्रदर्शन किया।
वहीं, सरकार लक्ष्य से अधिक खरीदी के लिए तैयार नहीं है। दरअसल, पिछले साल की उपार्जित साढ़े तीन लाख टन मूंग अभी भी रखी हुई है। प्रदेश में ग्रीष्मकालीन मूंग का उत्पादन 20 लाख टन के आसपास हुआ है।
इसमें से चार लाख टन उपार्जन की अनुमति भारत सरकार ने दी है। प्रति एकड़ डेढ़ क्विंटल के मान से उपार्जन चल रहा है, जिसे किसान अपर्याप्त बता रहे हैं।
भारतीय किसान संघ के प्रांताध्यक्ष कमल सिंह आंजना का कहना है कि प्रति एकड़ उत्पादन अधिक है, इस हिसाब से खरीदी होनी चाहिए।
वहीं, किसान कांग्रेस के अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह चौहान का कहना है कि सरकार मूंग खरीद नहीं रही है और बाजार में दो हजार रुपये प्रति क्विंटल कम मिल रहे हैं। सरकार को इस पर विचार करना चाहिए।




