भोपाल। प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा 2025 का परिणाम 27 फरवरी को घोषित कर दिया गया था, लेकिन दो महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद अब तक नियुक्ति प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई है। इससे परीक्षा में सफल हुए अभ्यर्थियों के बीच असंतोष और चिंता का माहौल बन गया है।
अभ्यर्थियों का क्या कहना
अभ्यर्थियों का कहना है कि वे लंबे समय से इस भर्ती का इंतजार कर रहे थे और परिणाम आने के बाद उन्हें उम्मीद थी कि जल्द ही आगे की प्रक्रिया शुरू होगी, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। पात्र अभ्यर्थियों का कहना है कि बार-बार देरी होने से उनका मानसिक तनाव बढ़ रहा है।
उन्होंने संबंधित विभाग से मांग की है कि जल्द से जल्द दस्तावेज सत्यापन की तिथि घोषित की जाए और नियुक्ति प्रक्रिया को गति दी जाए। कुछ अभ्यर्थियों ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि जल्द कोई निर्णय नहीं लिया गया, तो वे विरोध प्रदर्शन करने पर मजबूर होंगे।
हालांकि स्पेशल डीएलएड अभ्यर्थियों ने न्यायालय में केस लगा दिया है, जबकि विभाग ने दो बार इन आवेदकों को मौका दिया था। बता दें कि 13,089 पद के लिए प्राथमिक शिक्षक भर्ती परीक्षा हुई थी। इसमें 1.03 लाख विद्यार्थी शामिल हुए थे। इसमें पास अभ्यर्थियों की संख्या पदों से काफी अधिक होती है।
दस्तावेज सत्यापन में देरी बनी बड़ी वजह
अभ्यर्थियों के अनुसार नियुक्ति प्रक्रिया की पहली कड़ी दस्तावेज सत्यापन होती है, जो अभी तक शुरू नहीं की गई है। न ही विभाग की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक सूचना जारी की गई है। इससे उम्मीदवारों को भविष्य को लेकर अनिश्चितता का सामना करना पड़ रहा है।
कई अभ्यर्थियों ने बताया कि वे अन्य नौकरियों के अवसर भी छोड़ चुके हैं और अब इस भर्ती पर ही निर्भर हैं।
न्यायालय में मामला लंबित
भर्ती प्रक्रिया में हो रही देरी को लेकर संचालक केके द्विवेदी का कहना है कि इस भर्ती परीक्षा को लेकर कुछ अभ्यर्थियों ने कोर्ट में केस लगा दिया है। इस कारण अब तक कुछ भी शुरू नहीं किया गया है।




