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सागर में चारों तरफ 10 फीट पानी, 3 दिन से सूखे पेड़ पर फंसे बंदर! नाव से पहुंचे वनकर्मियों ने 2 को बचाया

एग्रसर इंडिया (AgrasarIndia) भोपाल डेस्क टीम

सागर के उल्दन बांध में फंसा बंदरों का झुंड: पानी के बीच सूखे पेड़ पर डेरा डाले हैं मूक प्राणी, वन विभाग का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

सागर: मध्य प्रदेश के सागर जिले के बंडा क्षेत्र में नवनिर्मित उल्दन बांध की डुबान क्षेत्र में एक अनूठा और संवेदनशील मामला सामने आया है। बांध में जलस्तर बढ़ने के कारण पानी के बीच एक सूखे पेड़ पर बंदरों का पूरा झुंड फंस गया है। पिछले तीन दिनों से भूखे-प्यासे फंसे इन बंदरों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए वन विभाग द्वारा लगातार रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है। रविवार को वनकर्मियों ने नाव की मदद से दो बंदरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है, जबकि शेष बंदरों को बचाने के प्रयास जारी हैं।

मुख्य बिंदु (Highlights)

  • उल्दन बांध की डुबान का मामला: बंडा तहसील के उल्दन गांव के पास धसान नदी पर बनी ‘उल्दन सिंचाई परियोजना’ के बांध में इस सीजन पहली बार पानी भरा है। लगभग 2,610 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना के डूब क्षेत्र में 28 गांव प्रभावित हुए हैं, जिसमें प्रसिद्ध सलैया खुर्द गांव पूरी तरह जलमग्न हो चुका है।

  • 10 फीट पानी के बीच फंसा झुंड: तट से करीब 200 मीटर अंदर पानी के बीच खड़े एक सूखे पेड़ पर बंदरों का झुंड फंस गया है, जिसके चारों ओर लगभग 10 फीट तक पानी भरा हुआ है। बंदरों के पास भोजन और पानी का कोई साधन नहीं बचा था।

  • वन विभाग का नाव से रेस्क्यू: ग्रामीणों की सूचना पर एसडीओ जयप्रकाश सराफ और उत्तर वन परिक्षेत्र के रेंजर विपुल प्रभात के नेतृत्व में आधा दर्जन से अधिक वनकर्मियों की टीम मौके पर पहुंची। वनकर्मियों ने नाव के जरिए बंदरों तक केले और अन्य खाद्य सामग्री पहुंचाई तथा रविवार को सूझबूझ दिखाते हुए दो बंदरों को सुरक्षित किनारे पर पहुंचाया।

  • आगे की रणनीति और योजना: रेंजर विपुल प्रभात ने जानकारी दी कि बंदरों को पूरी तरह सुरक्षित निकालने के लिए वैकल्पिक उपाय किए जा रहे हैं। यदि बंदर खुद पेड़ नहीं छोड़ते हैं, तो पेड़ को काटने या उस पर मजबूत रस्सी बांधने की योजना बनाई जा रही है ताकि वे रस्सी के सहारे तैरकर या चलकर सुरक्षित बाहर आ सकें।

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