AIIMS Bhopal के डॉक्टरों ने गंभीर कुपोषण से जूझ रहे पांच वर्षीय बच्चे को नई जिंदगी दी है। बच्चा भूख न लगने और लगातार उल्टियों के कारण अत्यधिक कमजोर हो …और पढ़ें

कुपोषण से जूझ रहे बच्चे को मिली नई जिंदगी
भोपाल। AIIMS Bhopal के डॉक्टरों ने गंभीर कुपोषण से जूझ रहे पांच वर्षीय बच्चे को नई जिंदगी दी है। बच्चा भूख न लगने और लगातार उल्टियों के कारण अत्यधिक कमजोर हो गया था। अस्पताल लाए जाने पर उसका वजन मात्र 5.5 किलो था, जबकि इस उम्र के सामान्य बच्चे का वजन करीब 18 किलो होना चाहिए।
बच्चों आईसीयू में भर्ती
बच्चे की हालत गंभीर होने पर उसे बच्चों के आईसीयू में भर्ती किया गया, जहां डॉक्टरों की टीम ने 24 घंटे निगरानी रखकर इलाज शुरू किया। शरीर में खून और पानी की कमी को दूर करने के साथ विशेष पोषण आहार दिया गया। कुपोषण से लड़ने के लिए एम्स की विशेष यूनिट में तैयार एफ-75 और एफ-100 आहार दिया गया, जिससे धीरे-धीरे बच्चे की हालत में सुधार होने लगा। करीब 10 दिनों में उसका वजन छह किलो से अधिक हो गया।
एक महीने बाद जांच में बच्चे का वजन बढ़कर करीब आठ किलो पहुंच गया। अब बच्चा सामान्य रूप से खाना खा रहा है और खेल-कूद भी कर रहा है।
माता-पिता को दिया प्रशिक्षण
डॉक्टरों ने बच्चे के इलाज के साथ उसके माता-पिता को भी घर पर कम खर्च में पौष्टिक आहार तैयार करने और कुपोषित बच्चों की देखभाल के बारे में प्रशिक्षण दिया।
डॉक्टरों ने सलाह दी कि यदि बच्चे का वजन उम्र के अनुसार नहीं बढ़ रहा है, वह सुस्त रहता है, खाना नहीं खाता या बार-बार बीमार पड़ता है, तो इसे नजरअंदाज न करें और तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें।




