एग्रसर इंडिया (AgrasarIndia)
भोपाल / अपराध एवं भ्रष्टाचार डेस्क
विदिशा कन्या विवाह घोटाला: ED ने भोपाल की विशेष PMLA कोर्ट में दाखिल किया चालान; पूर्व CEO शोभित त्रिपाठी और सहयोगियों पर 30.18 करोड़ के गबन का शिकंजा
भोपाल: मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में गरीब और निर्माण श्रमिकों की बेटियों के विवाह के लिए चलाई जाने वाली सहायता योजना में हुए 30.18 करोड़ रुपये के बहुचर्चित घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शिकंजा कस दिया है। शनिवार को ईडी ने इस मामले में मुख्य आरोपी और सिरोंज जनपद पंचायत के तत्कालीन मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) शोभित त्रिपाठी व अन्य सहयोगियों के खिलाफ भोपाल की विशेष पीएमएलए (PMLA) अदालत में अभियोजन शिकायत यानी चालान प्रस्तुत कर दिया है। जांच एजेंसी के मुताबिक, आरोपी ने वर्ष 2019 से 2021 के बीच अपने कार्यकाल के दौरान बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े को अंजाम दिया था।
मुख्य बिंदु (Highlights)
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5,923 फर्जी और संदिग्ध प्रकरणों का खुलासा: राज्य सरकार की इस कल्याणकारी योजना के तहत पंजीकृत गरीब निर्माण श्रमिकों की बेटियों के विवाह के लिए 51 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। तत्कालीन CEO शोभित त्रिपाठी ने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर 5,923 संदिग्ध विवाह प्रकरणों में कुल 30.18 करोड़ रुपये की सरकारी राशि का फर्जी तरीके से भुगतान कर दिया।
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कोरोना काल में भी किया गया घोटाला: ईडी की जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि कोरोना महामारी के दौरान जब देश और प्रदेश में लॉकडाउन था और सार्वजनिक आयोजनों व विवाहों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा हुआ था, तब भी इस योजना के तहत धड़ल्ले से फर्जी भुगतान किए गए।
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फर्जी बैंक खातों का खेल: आरोपियों ने शातिराना अंदाज में अपात्र लोगों के नाम से फर्जी आवेदन और कूटरचित दस्तावेज तैयार करवाए। इन दस्तावेजों के आधार पर बैंक खाते खुलवाए गए, जिनमें योजना की भारी-भरकम राशि ट्रांसफर कराई गई और बाद में उसे एटीएम व बैंकों से नकद निकाल लिया गया।
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EOW की FIR और ED की सख्त कार्रवाई: यह पूरा मामला सबसे पहले मध्य प्रदेश आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW), भोपाल के संज्ञान में आया था, जहां एफआईआर दर्ज की गई थी। इसी आधार पर ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत अपनी जांच का दायरा बढ़ाया। इससे पहले ईडी ने मुख्य आरोपी शोभित त्रिपाठी और उसके सहयोगी हेमंत साहू की 5.37 करोड़ रुपये की संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क (अटैच) किया था। मुख्य आरोपी शोभित त्रिपाठी को गत 2 सितंबर को गिरफ्तार किया जा चुका है और वह फिलहाल न्यायिक हिरासत में है।




