एग्रसर इंडिया (AgrasarIndia)
भोपाल / राजनीतिक डेस्क
विंध्य विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का विवाद पहुंचा सीएम और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष के दरबार: हेमंत खंडेलवाल ने दी नियुक्तियां रद्द करने की सख्त चेतावनी
भोपाल: विंध्य विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष पंचूलाल प्रजापति और उपाध्यक्ष डॉ. अजय सिंह के बीच आपसी खींचतान और विवाद अब पार्टी के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंच गया है। इस मामले पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने गहरी नाराजगी जताई है। विवाद बढ़ने पर प्रदेश अध्यक्ष खंडेलवाल ने दोनों पदाधिकारियों को भोपाल स्थित पार्टी कार्यालय तलब किया और कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि इस तरह की बयानबाजी और विवाद बंद नहीं हुआ, तो दोनों की नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी जाएंगी।
मुख्य बिंदु (Highlights)
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शीर्ष नेतृत्व की कड़ी फटकार: विंध्य विकास प्राधिकरण में एक अधिकारी की नियुक्ति और वर्चस्व को लेकर अध्यक्ष पंचूलाल प्रजापति और उपाध्यक्ष डॉ. अजय सिंह के बीच विवाद सामने आया था। इसे अनुशासनहीनता मानते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने दोनों को तलब कर सख्त लहजे में समझाइश दी।
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पार्टी फोरम पर बात रखने की हिदायत: प्रदेश अध्यक्ष ने दो टूक शब्दों में कहा कि यदि पदाधिकारियों के बीच कोई मतभेद या विवाद है, तो उसे सार्वजनिक करने के बजाय उचित पार्टी फोरम पर रखा जाना चाहिए। मीडिया में इस तरह के विवाद आने से संगठन की छवि को नुकसान पहुंचता है।
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संगठन की गरिमा और अनुशासन सर्वोपरि: खंडेलवाल ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक जीवन में जिम्मेदारियों का निर्वहन करते समय आपसी संवाद, समन्वय और परस्पर सम्मान बेहद जरूरी है। सरकार और संगठन की प्राथमिकता विंध्य क्षेत्र का विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन है।
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सामूहिक जिम्मेदारी और तालमेल पर जोर: नेतृत्व ने दोनों नेताओं को अपने व्यक्तिगत मतभेदों को दरकिनार कर पूरी जिम्मेदारी और आपसी तालमेल के साथ क्षेत्र के विकास के साझा लक्ष्य पर काम करने के निर्देश दिए हैं।




