नगर निगम की हाउसिंग फार आल (एचएफए) योजना के तहत अरहेड़ी में बनाए गए आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के 56 गैर-झुग्गी आवासों की बुकिंग प्रक्रिया …और पढ़ें

20 मिनट में बुक हुए पीएम आवास के 56 मकान
भोपाल। नगर निगम की हाउसिंग फार आल (एचएफए) योजना के तहत अरहेड़ी में बनाए गए आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के 56 गैर-झुग्गी आवासों की बुकिंग प्रक्रिया सवालों के घेरे में आ गई है। बुधवार सुबह 11 बजे ऑनलाइन पोर्टल खुलने के महज 20 मिनट के भीतर सभी मकान बुक हो गए। इसके बाद बड़ी संख्या में आवेदकों ने पोर्टल काम नहीं करने, आवेदन पूरा नहीं होने और तकनीकी गड़बड़ी की शिकायत की।
शिकायतों के बाद नगर निगम आयुक्त संस्कृति जैन ने पूरे मामले की जांच के निर्देश देते हुए एचएफए सेल से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।
‘पहले आओ, पहले पाओ’ पर बुकिंग, अनुमान से 12 लाख रुपये अधिक जमा होने पर संशय
नगर निगम ने “पहले आओ, पहले पाओ” के आधार पर प्रति आवास 7.50 लाख रुपये की कीमत तय की थी। आवेदन से पहले प्रत्येक हितग्राही को 75 हजार रुपये मार्जिन मनी डिपाजिट (एमएमडी) बैंक में जमा कराना अनिवार्य था। कई आवेदकों का आरोप है कि राशि जमा करने के बावजूद पोर्टल अचानक बंद हो गया, जिससे वे आवेदन पूरा नहीं कर सके। कुछ लोगों ने बुकिंग प्रक्रिया में तकनीकी हेरफेर या पोर्टल से छेड़छाड़ की आशंका भी जताई है।
नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार, 56 आवासों की बुकिंग के आधार पर लगभग 42 लाख रुपये मार्जिन मनी प्राप्त होने का अनुमान था, लेकिन प्राप्त राशि करीब 54 लाख रुपये निकली। यानी अनुमान से लगभग 12 लाख रुपये अधिक जमा हुए। इस अंतर को लेकर भी जांच में तथ्य जुटाए जा रहे हैं।
प्रमुख क्षेत्र होने से अरहेड़ी में अधिक थी मांग, अन्य क्षेत्रों में अब भी खाली हैं आवास
नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि अरहेड़ी परियोजना शहर के प्रमुख क्षेत्र में होने के कारण आवासों की मांग अधिक थी। इससे पहले गंगा नगर परियोजना में भी ईडब्ल्यूएस के करीब 40 मकान कुछ दिनों में बुक हो गए थे। वहीं, भौरी और कोकता की परियोजनाओं में अब भी कई आवास खाली हैं।




