एग्रसर इंडिया (AgrasarIndia) भोपाल डेस्क टीम
मध्य प्रदेश में 50 हजार करोड़ का मेगा रोड प्रोजेक्ट: भोपाल से इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर और मंदसौर के लिए बनेंगे नए ग्रीनफील्ड रूट; घटेगी दूरी
भोपाल: आगामी उज्जैन सिंहस्थ और राज्य में औद्योगिक व परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने 50,000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से सड़क नेटवर्क के कायाकल्प की बड़ी तैयारी शुरू कर दी है। इस मेगा रोड कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट का मुख्य केंद्र राजधानी भोपाल होगा, जहां से राज्य के प्रमुख शहरों—इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर और मंदसौर—के लिए अत्याधुनिक ग्रीनफील्ड सड़कों का निर्माण किया जाएगा। मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल ने हाल ही में इन सभी परियोजनाओं की उच्चस्तरीय समीक्षा की है।
मुख्य बिंदु (Highlights)
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ग्रीनफील्ड रूट्स का निर्माण: भोपाल को इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर और मंदसौर से जोड़ने के लिए नए अलाइनमेंट और एरियल रूट पर आधारित आधुनिक सड़कें बनाई जाएंगी।
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दूरी और समय में भारी कमी: नए रूटों के बनने से प्रमुख शहरों के बीच की दूरी और यात्रा के समय में 1.5 से लेकर 4 घंटे तक की बचत होगी।
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राजधानी में दो नए बायपास: भोपाल में ट्रैफिक का दबाव कम करने के लिए 4,594 करोड़ की लागत से पश्चिमी भोपाल बायपास (35.61 किमी फोरलेन) और 4,000 करोड़ की लागत से पूर्वी भोपाल बायपास (सिक्सलेन) प्रस्तावित हैं।
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हैम (HAM) और पीपीपी मॉडल: अधिकांश परियोजनाओं का निर्माण मध्य प्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (MPRDC) द्वारा हाइब्रिड एनुइटी मॉडल (HAM) और पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप के तहत किया जाएगा।
प्रमुख शहरों के बीच कितना कम होगा सफर?
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भोपाल से ग्वालियर: नया 320 किमी लंबा रूट बनने से दूरी 80 किमी कम होगी और यात्रा के समय में लगभग 2 घंटे की बचत होगी।
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भोपाल से जबलपुर: दूरी 47 किमी घटकर 239 किमी रह जाएगी, जिससे सफर का समय डेढ़ घंटा कम हो जाएगा।
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भोपाल से मंदसौर: 320 किमी लंबे नए ग्रीनफील्ड मार्ग के निर्माण से लगभग 3 घंटे का समय बचेगा।
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भोपाल से इंदौर: 160 किमी लंबे सिक्सलेन एक्सप्रेसवे के जरिए दूरी 25 किमी कम होगी और यात्रा समय में 1 से 1.5 घंटे की बचत होगी।
इन परियोजनाओं के धरातल पर उतरने से न केवल सड़क यात्रा सुरक्षित और सुगम होगी, बल्कि माल ढुलाई, व्यापार और पर्यटन को भी जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा।




