भोपाल। रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में यात्रियों के सामान पर हाथ साफ करने वाले कुख्यात सांसी गैंग के एक शातिर बदमाश को भोपाल जीआरपी ने 11 साल बाद गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी सत्यभान सांसी उर्फ सत्यभान (40), पिता महेंद्र सांसी, हरियाणा के भिवानी जिले का निवासी है।
उसके खिलाफ देशभर में 15 स्थायी एवं गिरफ्तारी वारंट लंबित थे, जिनमें 13 भोपाल जीआरपी और दो इटारसी जीआरपी के थे। आरोपी पर 54 हजार रुपये का इनाम भी घोषित था।
ट्रेनों में ब्लेड से बैग काटकर करते थे चोरी
पुलिस के अनुसार, सत्यभान सांसी कुख्यात सांसी गैंग का सक्रिय सदस्य है। यह गिरोह ट्रेनों के जनरल और स्लीपर कोच में यात्रा कर यात्रियों के बैग और वॉलीबैग को ब्लेड या चाकू से काटकर नकदी, जेवरात और अन्य कीमती सामान चोरी करता था।
गिरोह ने पिछले कई वर्षों में मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और असम सहित कई राज्यों में वारदातों को अंजाम दिया।
मोबाइल लोकेशन से मिला सुराग
भोपाल जीआरपी लंबे समय से पुराने स्थायी वारंटों की तामील के लिए विशेष अभियान चला रही थी। इसी दौरान पुलिस ने सत्यभान के संभावित ठिकानों भिवानी, हिसार और हरियाणा के अन्य क्षेत्रों में कई बार दबिश दी, लेकिन वह हाथ नहीं लगा।
इसके बाद साइबर सेल की मदद से आरोपी के मोबाइल नंबर की लोकेशन ट्रैक की गई। कुछ समय तक उसकी गतिविधियों पर नजर रखने के बाद मोबाइल की अंतिम लोकेशन गुवाहाटी (असम) में मिली, जिसके बाद फोन बंद हो गया। पुलिस को आशंका हुई कि वह किसी अन्य मामले में गिरफ्तार हो चुका है।
गुवाहाटी जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लाया गया
भोपाल जीआरपी ने असम के जालुकबाड़ी थाना से संपर्क किया, जहां से पुष्टि हुई कि सत्यभान स्थानीय अपराध में गिरफ्तार होकर गुवाहाटी सेंट्रल जेल में बंद है। इसके बाद भोपाल की अदालत से प्रोडक्शन वारंट जारी कराया गया और आरोपी को भोपाल लाकर उसके खिलाफ लंबित सभी 15 वारंटों की तामील कराई गई।
11 साल से था फरार
जीआरपी के अनुसार, सत्यभान के खिलाफ करीब 11 साल पुराने चोरी और संगठित अपराध से जुड़े मामले दर्ज हैं। इनमें भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 379 (चोरी), 380 (भवन में चोरी), 401 (आदतन चोरों के गिरोह से जुड़ाव) और 201 (साक्ष्य मिटाने) सहित अन्य धाराओं के प्रकरण शामिल हैं।
पुलिस अब आरोपी से गिरोह के अन्य सदस्यों और विभिन्न राज्यों में हुई वारदातों के संबंध में पूछताछ कर रही है।




