MP Politics: मध्य प्रदेश के जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह को गणतंत्र दिवस पर ध्वज फहराने के लिए मुख्य अतिथि बनाए जाने पर प्रदेश की सियासत गरमा गई है। …और पढ़ें

MP में झंडा फहराने को लेकर सियासी संग्राम।
HighLights
- एमपी में गणतंत्र दिवस पर ध्वज वंदन को लेकर घमासान
- विजय शाह को मुख्य अतिथि बनाने पर कांग्रेस की आपत्ति
- SC की फटकार के बाद विजय शाह पर हमलावर हुई कांग्रेस
भोपाल। मध्य प्रदेश के जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह को गणतंत्र दिवस पर ध्वज फहराने के लिए मुख्य अतिथि बनाए जाने पर प्रदेश की सियासत गरमा गई है। कर्नल सोफिया कुरैशी पर अशोभनीय टिप्पणी के आरोपों से घिरे मंत्री को लेकर कांग्रेस ने राज्य सरकार के फैसले पर कड़ी आपत्ति जताई है।
खंडवा में ध्वज फहराएंगे मंत्री विजय शाह
मध्य प्रदेश सरकार ने गणतंत्र दिवस समारोह के लिए मंत्रियों की सूची में आंशिक संशोधन किया है। पहले मंत्री विजय शाह को रतलाम जिले में ध्वज फहराने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, लेकिन शुक्रवार को जारी नए आदेश के अनुसार अब वह अपने गृह जिले खंडवा में मुख्य अतिथि के रूप में ध्वज फहराएंगे। सरकार ने सभी मंत्रियों को उनके प्रभार वाले जिलों में शासकीय कार्यक्रमों के लिए अधिकृत किया है।
कांग्रेस ने उठाए नैतिकता और संविधान पर सवाल
पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता सज्जन सिंह वर्मा ने इस फैसले को संविधान बनाने वालों का अपमान बताया है। उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट ने अभियोजन की कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं, उसे गणतंत्र दिवस जैसे पावन अवसर पर ध्वज फहराने का ‘पारितोषिक’ देना बेहद आपत्तिजनक है। वर्मा का तर्क है कि सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद विजय शाह को स्वयं पद छोड़ देना चाहिए था या सरकार को उनसे इस्तीफा ले लेना चाहिए था।
सुप्रीम कोर्ट की फटकार और अभियोजन का मामला
कांग्रेस नेता केके मिश्रा ने भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरा है। उन्होंने सवाल उठाया कि जिस व्यक्ति पर देश की शीर्ष अदालत ने दो सप्ताह के भीतर अभियोजन की स्वीकृति पर निर्णय लेने का निर्देश दिया है, क्या वह राष्ट्रीय पर्व पर मुख्य अतिथि बनने का अधिकार रखता है? मिश्रा के अनुसार, अदालत से फटकार खा चुके और गंभीर आरोपों का सामना कर रहे व्यक्ति को गणतंत्र दिवस पर सम्मानित स्थान देना पूरी तरह अनैतिक है।




