भोपाल। बेहतरीन इंटीरियर से सजा डायनिंग हाल, एसी, टीवी, अटैच बाथरूम, फ्रिज, कॉलबेल, टेलीफोन, इंटरकॉम जैसी सुविधाओं से लैस कॉटेज, ये सब किसी पांच सितारा होटल-रिसार्ट में नहीं, बल्कि लिंक रोड नंबर तीन पर बने वीवीआइपी वृद्धाश्रम में है। सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण विभाग द्वारा करीब 24 करोड़ रुपये की लागत से पांच एकड़ जमीन पर बनाए गए इस वृद्धाश्रम को संध्या छाया नाम दिया गया है।
शनिवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इसका लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में यदि कोई कॉलोनी बनती है और कॉलोनाइजर वहां वृद्धाश्रम भी बनाए तो स्वागत है।
बताया गया कि लग्जरी सुविधाओं वाले इस वृद्धाश्रम में रहने के लिए एक व्यक्ति को 39,499 से 49,990 रुपये हर महीने का किराया देना होगा। वहीं, डबल बेडरूम वाले कॉटेज में जोड़े का किराया करीब 87,000 हजार रुपये तक है। यहां बुजुर्गों के लिए डॉक्टर से लेकर अन्य सभी तरह की सुविधाएं हैं।
साथ ही हर पल उनकी देखरेख के लिए कर्मचारी भी तैनात रहेंगे, जो कॉलबेल की रिंग सुनते ही बुजुर्गों के दिए आदेश को पूरा करेंगे। इस वीवीआइपी वृद्धाश्रम के संचालन की जिम्मेदारी राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के अनुषांगिक संगठन सेवा भारती को दी गई है। वृद्धाश्रम में रहने वाले बुजुर्गों का हर महीने का किराया सेवा भारती को मिलेगा। वहीं, एक लाख रुपये का सिक्योरिटी डिपॉजिट होगा, जो राज्य सरकार को दी जाएगी। यह रकम आश्रम प्रबंधन, सुविधाओं और कर्मचारियों के वेतन पर खर्च होगा।
10 व्यक्तियों ने कराया पंजीयन, तीन ठहरने लगे
संध्या छाया वृद्धाश्रम में रुकने के लिए 10 लोग पंजीयन करा चुके हैं। वहीं, तीन लोग यहां ठहरने के लिए भी आ चुके हैं, जिसमें एक दंपती शामिल हैं।
1. परमाणु ऊर्जा विभाग में विज्ञानी रहे राजेंद्र बसंत नादेड़कर और उनकी पत्नी वृद्धाश्रम में रहने के लिए आ चुके हैं। राजेंद्र बसंत नादेड़कर की केवल बेटियां हैं, जो भोपाल में ही रहती हैं, लेकिन वे अपनी बेटियों के घर नहीं रहना चाहते हैं। इसलिए संध्या छाया में रहने के लिए आए हैं।
2. वीपी तिवारी भी यहां रहने के लिए आ चुके हैं। वे वायुसेना से रिटायर्ड विंग कमांडर हैं। उनकी भी केवल बेटियां ही हैं। बेटियां दिल्ली में रहती हैं, इसलिए यहां रहने के लिए आए हैं।
ऐसी है वृद्धाश्रम की विशेषता
- 5 एकड़ में बना है वृद्धाश्रम
- 56 बुजुर्गों के रहने की व्यवस्था है
- 12 सिंगल बेड, 22 डबल बेड सहित कुल 34 कमरे
- प्रत्येक कॉटेज में बालकनी, हर पलंग के साथ एक स्टडी टेबल
- पाथ-वे, हर कमरे में अटैच बाथरूम, वार्डरोब सभी में कॉलबेल, इंटरकाम, टेलीफोन की व्यवस्था दी गई है
- डॉक्टर और स्वास्थ्य सेवाएं भी चौबीसों घंटे उपलब्ध रहेंगी
- मनोरंजन एवं पुस्तकालय, ओपन मेस, डाइनिंग हाल विशेष रूप से डिजाइन किया गया है
- फिजियोथेरिपी सेंटर, आपातकालीन चिकित्सा सहायता सुविधा- सुरक्षा के लिए सिक्योरिटी गार्ड भी तैनात हैं
ऐसा रहेगा कॉटेज का किराया
- डबल बेड रूम 56.5 स्क्वायर मीटर 38,490 रुपये प्रतिमाह
- डबल बेडरूम 60 स्क्वायर मीटर 39,490 रुपये प्रतिमाह
- डबल बेड रूम 90 स्क्वायर मीटर 43,490 रुपये प्रतिमाह
- सिंगल बेड रूम 33.5 स्क्वायर मीटर 45,990 रुपये प्रतिमाह
- सिंगल बेड रूम 35 स्क्वायर मीटर 47,990 रुपये प्रतिमाह
- सिंगल बेड रूम 49.2 स्क्वायर मीटर 49,990 रुपये प्रतिमाह
(किराया प्रतिव्यक्ति के अनुसार है। डबल बेडरूम का किराया दो व्यक्ति के लिए दोगुना होगा।)
ऐसे होगा पंजीयन सेवा
भारती के मध्य भारत प्रांत के कोषाध्यक्ष राजनारायण अग्निहोत्री ने बताया कि पंजीयन के लिए संध्या छाया के कार्यालय में संपर्क करना होगा। उसी समय सिक्योरिटी डिपाजिट और दो महीने का अग्रिम शुल्क जमा करना होगा। आश्रम छोड़ने पर सिक्योरिटी वापस कर दी जाएगी।
सामाजिक सुरक्षा पेंशन के 327 करोड़ जारी
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राज्य स्तरीय स्पर्श मेला-2026 के विजेताओं को पुरस्कार दिए। वहीं सामाजिक सुरक्षा पेंशन के हितग्राहियों के लिए 327 करोड़ रुपये की राशि भी जारी की। इस दौरान मंत्री नारायण सिंह कुशवाह, विधायक भगवानदास सबनानी, नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, परशुराम कल्याण बोर्ड विष्णु राजौरिया, विभाग की प्रमुख सचिव सोनाली वायंणकर आदि भी मौजूद थे।




