भोपाल, 21 फरवरी 2026: मध्य प्रदेश में बेमौसम बारिश और आंधी का दौर जारी है। शुक्रवार को साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ लाइन की एक्टिविटी के चलते भोपाल, उज्जैन समेत 25 जिलों में अच्छी खासी बारिश हुई। श्योपुर में 1 इंच (लगभग 25 मिमी) तक पानी गिरा, जबकि यहां हवा की रफ्तार 63 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच गई। तेज आंधी-बारिश से कई जिलों में खेतों में खड़ी गेहूं-चना-सरसों जैसी फसलें जमीन पर आ गईं। किसानों की चिंता बढ़ गई है।
मौसम विभाग के मुताबिक, प्रदेश में यह दौर अगले 4 दिनों तक जारी रह सकता है। शुक्रवार को 25 जिलों के 80 से ज्यादा शहरों-कस्बों में बारिश दर्ज की गई। इनमें भोपाल, उज्जैन, इंदौर, धार, राजगढ़, नीमच, मंदसौर, श्योपुर, शिवपुरी, गुना, मुरैना, भिंड, ग्वालियर, रतलाम, खरगोन, देवास, शाजापुर, आगर मालवा, झाबुआ, बड़वानी, सीहोर, विदिशा, अशोकनगर, टीकमगढ़, निवाड़ी और छतरपुर जैसे जिले शामिल हैं।
श्योपुर में सबसे ज्यादा प्रभाव रहा, जहां 1 इंच बारिश के साथ 63 किमी/घंटा की स्पीड से आंधी चली। कई जगहों पर ओलावृष्टि भी हुई, जिससे फसलों को भारी नुकसान पहुंचा। गेहूं की बालियां टूट गईं, चना-मटर-सरसों के पौधे बिछ गए। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे में उत्पादन में 20-30% तक की कमी आ सकती है और दानों में नमी बढ़ने से भंडारण के दौरान कीट लगने का खतरा भी बढ़ेगा।
प्रशासन ने तुरंत एक्शन लिया है। कलेक्टरों को निर्देश दिए गए हैं कि प्रभावित इलाकों में राजस्व और कृषि विभाग की टीमें खेतों में पहुंचकर नुकसान का सर्वे शुरू करें। किसानों से जल्द से जल्द आवेदन करने की अपील की गई है ताकि राहत राशि और फसल बीमा के तहत मुआवजा मिल सके।
मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है कि 23 और 24 फरवरी को फिर से बारिश-आंधी का नया दौर शुरू हो सकता है। नए सिस्टम की एंट्री से कई संभागों में तेज हवाएं, झंझावात और बिजली गिरने की संभावना है। फिलहाल 21 और 22 फरवरी को मौसम थोड़ा साफ रहने की उम्मीद है, लेकिन उसके बाद फिर बदलाव आएगा।
किसानों को सलाह दी जा रही है कि जहां तक संभव हो फसलों की कटाई जल्दी करें या खेतों में पानी निकासी के इंतजाम करें। विभाग लगातार मॉनिटरिंग कर रहा है और अपडेट जारी करेगा। यह फरवरी का आखिरी हफ्ता है, लेकिन मौसम ने रबी फसलों की कटाई से पहले ही मुश्किलें खड़ी कर दी हैं।




