Bhopal Breaking news Latest News MP Polictics

एमपी में 308 प्रजातियों के 96,495 पक्षियों की पुष्टि, संकटग्रस्त पक्षियों का सुरक्षित बसेरा

 

प्रदेश में कुल 308 पक्षियों की प्रजातियों की 96 हजार 495 की संख्या दर्ज की गई। सर्वेक्षण में 24 दुर्लभ, संकटग्रस्त एवं लुप्तप्राय (आरईटी) प्रजातियों क …और पढ़ें

Asian Waterbird Census-2026: एमपी में 308 प्रजातियों के 96,495 पक्षियों की पुष्टि, संकटग्रस्त पक्षियों का सुरक्षित बसेरा

संकटग्रस्त पक्षियों का सुरक्षित बसेरा एमपी( फाइल फोटो)

HighLights

  1. 45 जिलों के 360 स्थलों पर 96,495 पक्षियों की गणना हुई
  2. 24 दुर्लभ व संकटग्रस्त प्रजातियां सर्वेक्षण में दर्ज की गईं
  3. विजन 2047 डॉक्यूमेंट और विधिक प्रकोष्ठ का शुभारंभ हुआ

भोपाल। प्रदेश में कुल 308 पक्षियों की प्रजातियों की 96 हजार 495 की संख्या दर्ज की गई। सर्वेक्षण में 24 दुर्लभ, संकटग्रस्त एवं लुप्तप्राय (आरईटी) प्रजातियों को देखा गया, जिनमें इंडियन स्कीमर, सारस क्रेन, व्हाइट-रम्प्ड वल्चर, रेड-हेडेड वल्चर, पेंटेड स्टार्क तथा ब्लैक-हेडेड आइबिस जैसी प्रजातियां शामिल हैं। साथ ही प्रवासीय पक्षियों की भी कई प्रजातियां रिपोर्ट में सम्मिलित की गई हैं।

मप्र राज्य जैव विविधता बोर्ड द्वारा प्रदेश में एशियन वाटरबर्ड सेंसस-2026 के अंतर्गत की गई पक्षी गणना की राज्य स्तरीय रिपोर्ट का विमोचन शुक्रवार को वन बल प्रमुख वीएन अंबाडे ने किया।

412 चेकलिस्टों का विस्तृत अध्ययन

राज्य स्तरीय रिपोर्ट में पांच से 15 फरवरी तक हुए वार्षिक चंबल पक्षी सर्वेक्षण को भी सम्मिलित किया गया है, जिसमें चंबल क्षेत्र में कुल 141 पक्षी प्रजातियां देखी गई हैं। एशियन वाटरबर्ड सेंसस-2026 अंतर्गत पक्षी गणना तीन से आठ जनवरी में प्रदेश में आयोजित की गई थी। राज्य स्तरीय रिपोर्ट के अनुसार राज्य के 45 जिलों के कुल 360 स्थलों में पक्षी सर्वेक्षण का कार्य किया गया, जिसके अंतर्गत सूचीबद्ध 412 चेकलिस्टों का विस्तृत अध्ययन किया गया।

 

मुख्यमंत्री ने वन विभाग के विजन डॉक्यूमेंट का किया विमोचन

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वन विभाग द्वारा प्रकाशित विजन 2047- रीइमैजिनिंग फॉरेस्ट रिसोर्सेज फॉर ए क्लाइमेट रेसिलिएंट फ्यूचर पुस्तक का मुख्यमंत्री निवास में विमोचन किया। विजन@2047 राज्य में जैव विविधता समृद्ध, सामुदायिक सहभागिता आधारित वन प्रबंधन की दीर्घकालिक रूपरेखा प्रस्तुत करता है।

प्रमुख सचिव वन संदीप यादव ने बताया कि वन विभाग का यह दृष्टि पत्र भारत के पर्यावरणीय तथा विकास लक्ष्यों में निर्णायक योगदान देगा। इसके अलावा वन बल प्रमुख वीएन अंबाडे ने शुक्रवार को वन भवन मुख्यालय में वन विभाग विधिक प्रकोष्ठ का शुभारंभ किया। विधिक प्रकोष्ठ वन विभाग मध्यप्रदेश की केंद्रीय संस्थागत इकाई के रूप में कार्य करेगा।

Please follow and like us:
Pin Share

Leave a Reply