भोपाल की लाइफ-लाइन ‘बड़े तालाब’ पर चला बुलडोजर: रसूखदारों के अवैध निर्माणों पर नकेल
भोपाल: राजधानी की शान कहे जाने वाले बड़े तालाब को निगलने वाले भू-माफियाओं और रसूखदारों पर प्रशासन ने सीधा हमला बोल दिया है। तालाब की असली सीमाओं को तय करने के लिए एक बड़ा ‘सीमांकन अभियान’ शुरू किया गया है। यह अभियान वीआइपी रोड से होते हुए खानूगांव और हलालपुर तक पहुँच गया है।
लाल-पीले निशानों से मचा हड़कंप
प्रशासन ने तालाब की सीमा तय करने के लिए लाल और पीले निशान लगाए हैं। जांच में सामने आया है कि तालाब के ‘फुल टैंक लेवल’ (FTL) और उसके 50 मीटर के प्रतिबंधित दायरे में 50 से ज्यादा अवैध निर्माण खड़े हैं। इनमें शामिल हैं:
-
आलीशान बंगले और रिसॉर्ट
-
मैरिज गार्डन और क्लब
-
बड़े गोदाम और फैक्ट्रियां
हलालपुर में चला बुलडोजर
शनिवार को प्रशासन ने अपने इरादे साफ कर दिए। हलालपुर में मोहम्मद अमीन खान के गोदाम और शकील खान के रायल क्रिसेंट मैरिज गार्डन की 100 मीटर लंबी दीवार को गिरा दिया गया।
जब अवैध निर्माण करने वालों ने कागजात दिखाने के लिए मोहलत मांगी, तो एसडीएम रविशंकर राय ने साफ चेतावनी दी: “अपने दस्तावेज पेश करें, जांच के बाद अगर वे अवैध पाए गए, तो दोबारा बुलडोजर चलेगा।”
तालाब की जद में आए ‘बड़े नाम’
हैरानी की बात यह है कि इस जांच में कई रसूखदारों और सरकारी इमारतों के नाम भी सामने आए हैं:
-
राज्यमंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल का सरकारी बंगला।
-
कुछ IAS अधिकारियों के बंगलों का हिस्सा।
-
केके हाउस और सुपर बिल्डर की बिल्डिंग।
-
कोचिंग सेंटर और स्टील फैक्ट्रियां।
होली के बाद होगी बड़ी कार्रवाई
हुजूर तहसील के गांवों (जैसे भैंसाखेड़ी) में भी सीमांकन शुरू हो चुका है। टीटीनगर इलाके में नक्शे का इंतजार है, जिसके मिलते ही वहां भी तालाब की हद तय की जाएगी। प्रशासन ने सभी को दस्तावेज दिखाने का समय दिया है, जिसकी जांच के बाद होली के तुरंत बाद इन अवैध निर्माणों को तोड़ने की बड़ी कार्रवाई शुरू होगी।




