भोपाल। वित्तीय वर्ष 2026-27 में प्रॉपर्टी के दामों में वृद्धि करने के लिए पंजीयन विभाग के अधिकारियों ने सैटेलाइट की मदद ली है, जिसकी तस्वीरों को आधार बनाते हुए 732 लोकेशन पर प्रॉपर्टी के दामों में वृद्धि प्रस्तावित कर दी है। सेटेलाइट की मदद से अधिकारियों को पता चला है कि जिले में 181 लोकेशन पर जमकर प्रॉपर्टी की खरीद-फरोख्त के साथ विकास कार्य हुए हैं। इनमें अधिकांश लोकेशन शहरी सीमा व उससे लगे ग्रामीण क्षेत्रों की शामिल हैं, जहां पर करीब 10 से 15 साल पहले कृषि हुआ करती थी लेकिन अब वहां पर कॉलोनियों का जाल बिछ गया है।
कलेक्टर गाइडलाइन के प्रस्ताव में नीलबड़ की 15 साल पुरानी सैटेलाइट तस्वीर का वर्तमान तस्वीर से मिलान कर दामों में संशोधन करने का उदाहरण भी पेश किया गया है। जानकारी के अनुसार कलेक्ट्रेट में बुधवार को जिला मूल्यांकन समिति की बैठक में पंजीयन विभाग के अधिकारियों ने वर्ष 2026-27 के लिए तैयार की गई कलेक्टर गाइडलाइन का प्रस्ताव रखा था।
इसमें बताया गया था कि संपदा सॉफ्टवेयर 2.0 के अनुसार व सैटेलाइट तस्वीरों का विस्तार से अध्ययन करने के बाद करीब दो हजार 175 लोकेशन में से 732 लोकेशन पर औसत 11 प्रतिशत वृद्धि प्रस्तावित की है। इस पर 63 आपत्तियां विभाग को प्राप्त हुईं थी, जिनके आधार पर समिति के अध्यक्ष व कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने दरों में संशोधन कर दोबारा से सोमवार को चर्चा करने के निर्देश दिए थे।
इस प्रस्ताव में प्रॉपर्टी के दामों में वृद्धि करने का आधार सैटेलाइट तस्वीरों को बनाया गया है। सैटेलाइट ने 181 लोकेशन पर सबसे अधिक बदलाव होना बताया है, जबकि संपदा सॉफ्टवेयर ने 500 से अधिक लोकेशन पर वर्तमान दरों से अधिक दरों पर रजिस्ट्री होना बताया है।
पांच से 200 प्रतिशत तक दरों पर हुईं रजिस्ट्रियां
पंजीयन अधिकारियों ने सेटेलाइट से सर्वे किया तो पता चला कि 181 लोकेशन पर बड़े बदलाव हुए हैं। इनमें से 83 लोकेशन ऐसी हैं, जिन पर पांच से 200 प्रतिशत तक दरों पर रजिस्ट्रियां हुई हैं। इनमें 30 लोकेशन पर पांच से 10, 25 लोकेशन पर 10 से 20, 29 लोकेशन पर 20 से 100 और तीन लोकेशन पर 100 से 200 प्रतिशत तक अधिक दरों पर रजिस्ट्रियां हुई हैं। जिनमें हुजूर और कोलार तहसील के अधिकांश क्षेत्र शामिल हैं।
इन क्षेत्रों की सेटेलाइट तस्वीरों को बनाया आधार
प्रॉपर्टी की दरों में वृद्धि करने के लिए जिन क्षेत्रों की सैटेलाइट तस्वीरों को आधार बनाया है, उनमें पिछले 10 सालों में तेजी से विकसित हुआ कोलार क्षेत्र, नीलबड़, रातीबड़, मेंडोरा, मेंडोरी की तस्वीरें शामिल हैं। इन तस्वीरों में बताया गया है कि 10 से 15 साल पहले जहां कृषि हुआ करती थी अब वहां पर जमकर घनी बसाहट हुई है। इन स्थानों पर प्रॉपर्टी की खरीद-फरोख्त जमकर हो रही है और वर्तमान दरों से कई गुना अधिक दरों पर रजिस्ट्रियां हो रही हैं।
मर्ज करते हुए घटा दी 707 लोकेशन
जिले में अब तक कुल दो हजार 882 लोकेशन थीं, लेकिन इस बार 707 लोकेशन को अन्य लोकेशन में मर्ज कर दिया गया है। इससे अब जिले में कुल दो हजार 175 लोकेशन हो गई हैं, जिनमें से शहरी क्षेत्र की एक हजार 566 और ग्रामीण क्षेत्र की 609 शामिल हैं। इन्हीं में से 732 पर प्रॉपर्टी के दामों में वृद्धि प्रस्तावित की गई है।
इन बिंदुओं व संकेतों के आधार पर प्रस्तावित की दरों में वृद्धि
- नई कॉलोनियों को शामिल करते हुए एक वार्ड में एक ही नाम की अलग-अलग लोकेशन को खत्म कर एक ही लोकेशन प्रस्तावित की गई है।
- मुख्य मार्ग जो अलग-अलग वार्डों में आते हैं उनकी दरों को युक्तयिुक्त दरें किया जाना प्रस्तावित है।
- गाइडलाइन का आधार पंजीयन व मुद्रांक शुल्क को बनाया गया है, जिससे गाइडलाइन को तार्किक रूप से बढ़ाए/सुधार किए जाने की आवश्यकता है।
- आवासीय कॉलोनियां जहां कृषि भूमि की संभावना शून्य है, वहां कृषि भूमि की दरें आवासीय भूखंड के दस हजार गुना रखी गई हैं।
- नई कॉलोनियां शामिल की गई हैं, जहां की दरें आस-पास की कॉलोनियों के हिसाब से तय की गई हैं।
- नगरीय क्षेत्र से लगे ग्रामीण क्षेत्र जहां पर प्लाटिंग की जा रही और निरंतर विकास हो रहा है। वहां पर वृद्धि प्रस्तावित की गई है।
- सड़क की चौडाई, मकान/संपत्ति स्थल की सड़क से दूर, रेलवे व मेट्रो स्टेशन से दूरी, शिक्षा संस्थानों से दूरी आदि को शामिल किया गया है
- टीएंडसीपी द्वारा अनुमति प्राप्त कॉलोनियों में पानी, बिजली, सीवेज, पार्क, कबर्ड कैंपस, सुरक्षा सहित अन्य जनसुविधाओं को शामिल किया गया है।
- नई सड़कों के निर्माण, उद्योगों व नए औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना विशेष आर्थिक जोन, नई सिंचाईं परियोजनों के कमांड क्षेत्र के विस्तार को भी आधार बनाया गया है।
इनका कहना है
संपदा 2.0 सॉफ्टवेयर के अनुसार व सेटेलाइज तस्वीरों के विस्तृत अध्ययन के आधार पर जिले की लगभग 2175 लोकेशन में से 732 लोकेशन पर मूल्य निर्धारण में वृद्धि प्रस्तावित की गई है। इन पर प्राप्त हुए सुझाव पर चर्चा के बाद कुछ संशोधन किया जा रहा है, इसके बाद सोमवार को चर्चा के बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा- स्वप्नेश शर्मा, वरिष्ठ जिला पंजीयक।




