कृषक कल्याण वर्ष में मध्य प्रदेश सरकार ने विधायकों की इसमें भागीदारी सुनिश्चित करते हुए उन्हें अपने विधानसभा क्षेत्र में एक गांव गोद लेने के लिए कहा ह …और पढ़ें

MP में हर विधायक अब गोद लेगा एक गांव (AI से जनरेट इमेज)
HighLights
- मप्र में विधायकों को अपने विधानसभा क्षेत्र में एक आदर्श कृषि ग्राम बनाने की मिली जिम्मेदारी
- किसानों को परंपरागत खेती के साथ-साथ पशुपालन, उद्यानिकी फसलों से जोड़ा जाएगा
- विधायकों को कृषक कल्याण के लिए वार्षिक कार्ययोजना बनाने के लिए कहा गया है
भोपाल। कृषक कल्याण वर्ष में मध्य प्रदेश सरकार ने विधायकों की इसमें भागीदारी सुनिश्चित करते हुए उन्हें अपने विधानसभा क्षेत्र में एक गांव गोद लेने के लिए कहा है। इसे ‘विधायक ग्राम’ के रूप में विकसित किया जाएगा। यह आदर्श कृषि ग्राम होगा, जिसमें किसानों की आय बढ़ाने के लिए उन्हें परंपरागत खेती के साथ-साथ पशुपालन, उद्यानिकी फसल उत्पादन और प्राकृतिक खेती से जोड़ा जाएगा।
ग्रीष्मकालीन मूंग की खेती को हतोत्साहित करने के साथ उड़द की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। किसानों को यह भी बताया जाएगा कि पहली बार प्रदेश में उड़द पर सरकार 600 रुपये प्रति क्विंटल की दर से प्रोत्साहन राशि देने जा रही है। मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने इस संबंध में विधायकों को निर्देश दिए हैं। उन्हें अलग से बजट भी आवंटित किया जाएगा।
ये काम भी करने होंगे
विधायकों को कृषक कल्याण के लिए विधानसभावार वार्षिक कार्ययोजना बनाने के लिए कहा गया है। इसके तहत कृषि मेला, कृषक संगोष्ठियों का आयोजन किया जाएगा। विधानसभा क्षेत्र में किसान रथ का भ्रमण कराया जाएगा। बैलगाड़ी और ट्रैक्टर रेस का आयोजन किया जाएगा।
जैविक उत्पादों के विपणन के लिए विशेष हाट-बाजारों का आयोजन किया जाएगा। विधायक अपने क्षेत्र के सभी किसानों का एग्रीटेक में शत-प्रतिशत ऑनबोर्डिंग कराना एवं ई-विकास (वितरण एवं कृषि उर्वरक आपूर्ति समाधान) प्रणाली के माध्यम से 100 प्रतिशत वितरण करवाना भी सुनिश्चित कराएंगे।




