भोपाल (30 मार्च 2026): राजधानी में रहकर कॉलेज की पढ़ाई कर रही एक छात्रा के साथ पहचान छिपाकर दोस्ती करने और फिर उसे प्रताड़ित करने के आरोप में शादाब नाम के युवक पर मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने ‘जीरो’ पर एफआईआर दर्ज कर केस डायरी ग्वालियर के जनकगंज थाने भेज दी है, जहाँ मुख्य वारदात हुई थी।
प्रमुख बिंदु (HighLights):
-
फर्जी पहचान: आरोपी शादाब ने इंस्टाग्राम पर खुद को ‘आदित्य’ बताकर छात्रा से दोस्ती की।
-
वारदात: शादी का झांसा देकर छात्रा को ग्वालियर बुलाया और वहां दुष्कर्म किया।
-
धर्मांतरण का दबाव: असलियत सामने आने पर आरोपी ने छात्रा को इस्लाम अपनाने और नमाज पढ़ने के लिए मजबूर किया।
-
ब्लैकमेलिंग: अश्लील वीडियो और फोटो वायरल करने की धमकी देकर छात्रा को डराया गया।
घटनाक्रम: दोस्ती से लेकर धोखे तक
-
शुरुआत (जनवरी 2025): बैतूल की रहने वाली छात्रा, जो भोपाल में रहकर कॉलेज के चौथे वर्ष में पढ़ रही है, उसकी मुलाकात इंस्टाग्राम पर ‘आदित्य’ नाम के युवक से हुई। युवक ने खुद को हिंदू बताकर उसका भरोसा जीता।
-
ग्वालियर में वारदात: मेल-जोल बढ़ने के बाद आरोपी ने शादी का वादा किया और छात्रा को ग्वालियर के जनकगंज इलाके में बुलाया, जहाँ उसके साथ गलत काम किया गया।
-
पहचान का खुलासा: जब छात्रा को शक हुआ और उसने जांच की, तो पता चला कि जिसे वह ‘आदित्य’ समझ रही थी, उसका असली नाम शादाब है।
-
प्रताड़ना और धमकी: विरोध करने पर शादाब ने अपनी असलियत स्वीकार की, लेकिन छात्रा को छोड़ने के बजाय उस पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाना शुरू कर दिया। उसने छात्रा के निजी वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उसे लंबे समय तक खौफ में रखा।
कानूनी कार्रवाई
पीड़िता ने अपनी सहेलियों के प्रोत्साहन पर हिम्मत जुटाई और भोपाल के अशोका गार्डन थाने में शिकायत दर्ज कराई।
-
जीरो एफआईआर: चूंकि घटना ग्वालियर की थी, इसलिए भोपाल पुलिस ने जीरो पर मामला कायम किया।
-
ट्रांसफर: अब ग्वालियर की जनकगंज पुलिस इस मामले में आरोपी शादाब की तलाश और आगे की वैधानिक कार्रवाई करेगी।
निष्कर्ष: डिजिटल सुरक्षा और सतर्कता
यह मामला एक बार फिर सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से पहचान बढ़ाने के खतरों को उजागर करता है। साइबर अपराधी और जालसाज अक्सर फर्जी प्रोफाइल का सहारा लेकर युवाओं को निशाना बनाते हैं। प्रशासन ने अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति से व्यक्तिगत जानकारी साझा करने या मिलने जाने से पहले उसकी प्रामाणिकता की जांच जरूर करें।




