भोपाल | राजधानी भोपाल को तंबाकू और धूम्रपान मुक्त बनाने के लिए जिला प्रशासन ने अब ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपना ली है। कलेक्ट्रेट में आयोजित राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम की बैठक में निर्णय लिया गया है कि सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान करने वालों के खिलाफ अब सख्ती से चालानी कार्रवाई की जाएगी।
‘कोटपा एक्ट’ का सख्ती से होगा पालन
अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी (ADM) सुमित पांडे की अध्यक्षता में हुई बैठक में ‘कोटपा एक्ट 2003’ (COTPA Act) की धाराओं को कड़ाई से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाना और सार्वजनिक स्वास्थ्य की रक्षा करना है।
कार्रवाई के मुख्य बिंदु:
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जुर्माना: सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान करते पाए जाने पर ₹200 तक का तत्काल जुर्माना लगाया जाएगा।
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प्रतिबंधित क्षेत्र: अस्पताल, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, सरकारी कार्यालय और सभी शिक्षण संस्थानों के आसपास धूम्रपान पूरी तरह वर्जित है।
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संयुक्त टीम: पुलिस, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास और खाद्य विभाग की टीमें मिलकर निगरानी और चालानी कार्रवाई करेंगी।
जागरूकता और निगरानी पर जोर
सीएमएचओ (CMHO) भोपाल, डॉ. मनीष शर्मा ने बताया कि एक्ट को प्रभावी बनाने के लिए सरकारी विभागों के साथ-साथ गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) की मदद भी ली जा रही है। अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त नीतू सिंह ठाकुर ने भी पुलिस विभाग की ओर से सख्त चेकिंग अभियान चलाने की पुष्टि की है।
ADM का संदेश: तंबाकू नियंत्रण केवल एक विभाग का काम नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज की जिम्मेदारी है। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर अब बिना किसी ढिलाई के जुर्माना लगाया जाएगा।




