उच्च शिक्षा ने विभाग सत्र 2026-27 में बीएड, एमएड, बीपीएड, एमपीएड, बीएलएड तथा एकीकृत बीएड-एमएड में प्रवेश देने के लिए दो मई से काउंसलिंग शुरु करा दी है …और पढ़ें

HighLights
- कॉलेजों के निरीक्षण और संबद्धता से पहले शुरू हुई काउंसलिंग प्रक्रिया
- विद्यार्थियों को सीट और कॉलेज संबंधी जानकारी नहीं मिल रही
- पोर्टल पर कॉलेज अपलोड न होने से पसंदीदा सीट लॉक करने में परेशानी
भोपाल। उच्च शिक्षा विभाग ने सत्र 2026-27 के लिए बीएड, एमएड, बीपीएड, एमपीएड, बीएलएड और एकीकृत बीएड-एमएड पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए दो मई से ऑनलाइन काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू कर दी है।
हालांकि, विभाग की तैयारी अधूरी होने के कारण विद्यार्थियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थिति यह है कि अभी तक अधिकांश कॉलेजों का निरीक्षण भी पूरा नहीं हुआ है। बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय सहित प्रदेश के अन्य विश्वविद्यालय निरीक्षण दल गठित करने की प्रक्रिया में जुटे हुए हैं। फिलहाल केवल विद्यार्थियों का पंजीयन और दस्तावेज सत्यापन कराया जा रहा है।
प्रदेश में 700 से ज्यादा कॉलेज सूची में शामिल
प्रदेशभर में 700 से अधिक एनसीटीई (राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद) पाठ्यक्रम संचालित करने वाले कॉलेज हैं, लेकिन इस सत्र में किन कॉलेजों में प्रवेश होगा और कितनी सीटें उपलब्ध रहेंगी, इसकी स्पष्ट जानकारी विभाग के पास भी नहीं है।
पसंदीदा कॉलेज लॉक नहीं कर पा रहे विद्यार्थी
विद्यार्थी एमपी ऑनलाइन पोर्टल पर बार-बार लॉगिन कर कॉलेज और सीटें लॉक करने की कोशिश कर रहे हैं। इसके लिए वे पोर्टल शुल्क भी जमा कर रहे हैं, लेकिन विभाग द्वारा कॉलेजों की सूची अपलोड न किए जाने के कारण उन्हें निराशा हाथ लग रही है।
प्रोफेसरों और शिक्षाविदों का कहना है कि काउंसलिंग शुरू करने से पहले कॉलेजों का निरीक्षण और संबद्धता प्रक्रिया पूरी कर ली जानी चाहिए थी। बिना सीट और कॉलेज की जानकारी के प्रवेश प्रक्रिया शुरू करना विद्यार्थियों के हित में नहीं है।
बढ़ सकती है प्रवेश प्रक्रिया की तारीख
विभाग ने प्रथम चरण की काउंसलिंग के लिए 30 मई तक पंजीयन की अंतिम तिथि तय की है, लेकिन मौजूदा हालात को देखते हुए संभावना जताई जा रही है कि विश्वविद्यालय समय पर कॉलेजों को संबद्धता नहीं दे पाएंगे। ऐसे में विभाग को एक बार फिर प्रवेश प्रक्रिया की तिथियों में बढ़ोतरी करनी पड़ सकती है।




