भोपाल। रेलवे में चेन पुलिंग की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। स्थिति यह है कि अप्रैल 2025 से अप्रैल 2026 तक हर महीने सैकड़ों मामले सामने आए हैं। सबसे ज्यादा घटनाएं जुलाई, अगस्त और अक्टूबर 2025 में दर्ज की गईं, जिसके चलते रेलवे प्रशासन ने जुलाई से अक्टूबर तक विशेष सतर्कता बरतने का निर्णय लिया है।
अधिकारियों का कहना है कि चेन पुलिंग के करीब 90 फीसदी मामले गैर-जरूरी होते हैं। ऐसे मामलों को रोकने के लिए आरपीएफ लगातार निगरानी, स्कार्टिंग और जागरूकता अभियान चला रही है। बिना किसी वैध कारण के ट्रेन की अलार्म चेन खींचना कानूनन अपराध है।
भारतीय रेलवे अधिनियम की धारा 141 के तहत दोषी पाए जाने पर एक हजार रुपये तक का जुर्माना, एक साल तक की जेल या दोनों सजा हो सकती है।
अप्रैल 2025 से अप्रैल 2026 तक कम नहीं हुईं घटनाएं
आंकड़ों के अनुसार अप्रैल 2025 में 456, मई में 477, जून में 466, जुलाई में 651, अगस्त में 645, सितंबर में 513, अक्टूबर में 677, नवंबर में 573, दिसंबर में 519, जनवरी 2026 में 495, फरवरी में 391, मार्च में 420 और अप्रैल 2026 में 440 चेन पुलिंग के मामले सामने आए।
चैन पुलिंग के ये हैं कारण
रेलवे अधिकारियों का मानना है कि त्योहारों की भीड़, बारिश का मौसम और यात्रियों की लापरवाही इसकी बड़ी वजह हैं। कई यात्री स्टेशन छूटने, परिवार या सामान पीछे रह जाने अथवा जल्दबाजी में ट्रेन रोकने के लिए अलार्म चेन खींच देते हैं।
हालांकि कुछ मामलों में मेडिकल इमरजेंसी, ट्रेन में आग, अपराध या बुजुर्ग व दिव्यांग यात्रियों की परेशानी जैसी वास्तविक परिस्थितियों में भी चेन पुलिंग की जाती है।
ये होती है परेशानी
बार-बार होने वाली चेन पुलिंग से रेलवे संचालन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। ट्रेनों की टाइमिंग बिगड़ रही है और पीछे आने वाली ट्रेनों पर भी असर पड़ रहा है। रेलवे को ईंधन और संचालन संबंधी अतिरिक्त नुकसान उठाना पड़ता है। इसके अलावा अचानक ब्रेक लगने से ब्रेकिंग सिस्टम पर दबाव बढ़ता है और कई बार रेल ट्रैक पर जाम जैसी स्थिति बन जाती है।
यात्रियों पर पड़ता है सीधा असर
इसका सीधा असर यात्रियों पर भी पड़ रहा है। ट्रेनें बीच रास्ते में लंबे समय तक खड़ी रहती हैं, जिससे यात्रियों की कनेक्टिंग ट्रेन छूट जाती है। गर्मी के मौसम में उमस और घुटन की परेशानी बढ़ जाती है, जिसका सबसे ज्यादा असर बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों पर पड़ता है।
कब खींच सकते हैं चेन
रेलवे के अनुसार मेडिकल इमरजेंसी, ट्रेन में आग, अपराध या डकैती जैसी परिस्थितियों में या ट्रेन का छूटने पर ही चेन पुलिंग की जानी चाहिए।
चेन पुलिंग क मामलों को रोकने के लिए लगातार निगरानी, स्कार्टिंग और जागरूकता अभियान जारी हैं। बिना किसी वैध कारण के ट्रेन की अलार्म चेन खींचना कानूनन अपराध है। भारतीय रेलवे अधिनियम की धारा 141 के तहत दोषी पाए जाने पर एक हजार रुपये तक का जुर्माना, एक साल तक की जेल या दोनों सजा का प्रावधान है।- ग्रेसियस नाजरथ, पीआरओ, भोपाल




