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MP का नंबर-1 रोड सेफ्टी मॉडल बना ‘देवास’! जानें ऐसा क्या किया एसपी और कलेक्टर ने, जो अब पूरे प्रदेश में लागू होगी यह नीति

 

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सड़क सुरक्षा अभियान को देवास जिले ने एक नए मुकाम पर पहुंचा दिया है। कलेक्टर ऋतुराज सिंह और पुलिस अधीक्षक (SP) पुनीत गेहलोद के नेतृत्व में जिला प्रशासन, पुलिस, परिवहन, स्वास्थ्य और राजस्व विभाग ने मिलकर एक ऐसा समन्वित मॉडल तैयार किया है, जो अब पूरे प्रदेश के लिए नजीर बन गया है।

इस ‘360 डिग्री रोड सेफ्टी मॉडल’ के कारण जिले में न सिर्फ हादसे घटे हैं, बल्कि पीड़ितों को मिलने वाली राहत में भी देवास प्रदेश में टॉप पर रहा है।

गाँव-गाँव चौपाल और ब्लैक स्पॉट्स पर तुरंत इंजीनियरिंग सुधार

देवास में सड़क सुरक्षा को केवल कागजी बैठकों तक सीमित नहीं रखा गया। जिले में हर सड़क हादसे के बाद संबंधित एसडीओपी (SDOP) खुद मौके पर जाकर वैज्ञानिक विश्लेषण करते हैं।

इसके आधार पर NHAI, PWD और MPRDC के जरिए दुर्घटना संभावित मोड़ों और रास्तों (ब्लैक स्पॉट्स) पर तुरंत सुधार कराया गया। इसके साथ ही ट्रैफिक पुलिस ने गाँव-गाँव चौपाल लगाकर लोगों को जागरूक किया और हजारों हेलमेट मुफ्त बांटे।

वर्ष 2026 में देवास जिले में वर्ष 2025 की तुलना में सड़क दुर्घटनाओं में 18 प्रतिशत तथा सड़क हादसों में होने वाली मौतों में 25 प्रतिशत की ऐतिहासिक कमी दर्ज की गई है।

प्रशासन ने सड़क सुरक्षा को केवल औपचारिक अभियान न मानकर जनभागीदारी आधारित मॉडल के रूप में विकसित किया।

“राह वीर योजना” में भी देवास अव्वल

“गोल्डन ऑवर” को ध्यान में रखते हुए जिले में राह वीर योजना का प्रभावी क्रियान्वयन किया गया। दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को समय पर अस्पताल पहुंचाने वाले नागरिकों को सम्मानित किया गया। शासन को भेजे गए 14 प्रस्तावों में से 4 नागरिकों को “राह वीर” सम्मान और 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई।

पीएम राहत योजना से 200 घायलों को मदद

प्रधानमंत्री राहत योजना के तहत सड़क दुर्घटनाओं में घायल व्यक्तियों को 1.50 लाख रुपये तक का नि:शुल्क उपचार उपलब्ध कराया गया। पिछले दो माह में 200 से अधिक घायलों का उपचार कराया गया, जिनमें 150 से अधिक लोग स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं।

हिट एंड रन मामलों में भी रिकॉर्ड कार्य

देवास पुलिस ने हिट एंड रन योजना के तहत वर्ष 2022 से 2026 के बीच 130 मामलों का निराकरण किया। इसके तहत 68 पीड़ित परिवारों को लगभग 61 लाख रुपये की राहत राशि प्रदान की गई।

कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने कहा कि रोड सेफ्टी बैठकों को परिणाम आधारित बनाया गया, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। वहीं एसपी पुनीत गेहलोद ने बताया कि जिले में “360 डिग्री रोड सेफ्टी मॉडल” पर कार्य किया जा रहा है, जिसमें वैज्ञानिक विश्लेषण और योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान दिया गया है।

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