डिजीटल डेस्क, भोपाल। मध्य प्रदेश में सरकारी अस्पतालों के डॉक्टरों से फोन पर अपॉइंटमेंट लेने की सुविधा जल्द ही समाप्त होने जा रही है। राज्य स्वास्थ्य एजेंसी (एसएचए) आगामी 30 जून के बाद अपनी टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 18002332085 आधारित अपॉइंटमेंट सेवा को पूरी तरह बंद करने जा रही है।
इस निर्णय के बाद सरकारी अस्पतालों में फोन कॉल के जरिए डॉक्टरों की उपलब्धता जानना, अस्पताल सेवाओं की जानकारी प्राप्त करना और ओपीडी अपॉइंटमेंट बुक करने की व्यवस्था खत्म हो जाएगी।
बढ़ती लागत और बजट में कमी बनी बंद होने का कारण
स्वास्थ्य विभाग के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, कोविड महामारी के दौर में शुरू हुई इस हेल्पलाइन सेवा को ‘बिल क्लिंटन फाउंडेशन’ के सहयोग और मदद से संचालित किया जा रहा था। शुरुआती दिनों में इस सेवा की उपयोगिता बहुत अधिक थी और प्रतिदिन करीब 500 मरीज फोन कॉल के जरिए इस सुविधा का लाभ उठा रहे थे।
लेकिन वर्तमान में सरकारी अस्पतालों में ऑनलाइन पोर्टल, मोबाइल ऐप और डिजिटल ओपीडी सिस्टम (अस्पताल प्रबंधन सूचना प्रणाली) लागू होने से इस हेल्पलाइन पर निर्भरता काफी कम हो गई है।
अब कॉल की संख्या घटकर प्रतिदिन 50 से भी कम रह गई है। कॉल की घटती संख्या, सेवा संचालन की बढ़ती लागत और बजट में आई कमी को इस हेल्पलाइन को बंद करने की मुख्य वजह माना जा रहा है।
डिजिटल ओपीडी पर जोर, पर ग्रामीण और बुजुर्गों के सामने खड़ी होगी चुनौती
प्रशासनिक स्तर पर जहां इसे शत-प्रतिशत डिजिटल ओपीडी की ओर बढ़ता कदम माना जा रहा है, वहीं जमीनी स्तर पर इसके कुछ विपरीत प्रभाव भी देखने को मिल सकते हैं:
बुजुर्गों की बढ़ेगी आफत: प्रदेश की ग्रामीण और बुजुर्ग आबादी अभी पूरी तरह से डिजिटल टूल्स या मोबाइल ऐप का उपयोग करने के लिए तैयार नहीं है। उनके लिए फोन पर बात करके नंबर लगाना सबसे सुगम माध्यम था।
टोकन के बाद भी कतारें: कार्यकर्ताओं ने यह मुद्दा भी उठाया है कि कई बार ऑनलाइन माध्यम से टोकन जनरेट होने के बाद भी मरीजों को वास्तविक पर्चा बनवाने के लिए अस्पतालों में लंबी लाइनों में खड़ा होना पड़ता है, जिससे परेशानी जस की तस बनी हुई है।
इन जिलों में थी सेवा: कोविड काल के बाद भोपाल, इंदौर, उज्जैन, देवास और सीहोर सहित कई जिलों में संचालित हो रही थी यह विशेष व्यवस्था संचालित की जा रही थी।




