अब अंतरदेशीय पत्र अथवा साधारण डाक से पार्सल भेजने के बाद उसके गंतव्य तक पहुंचने की चिंता कम होगी।
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साधारण डाक की भी होगी स्पीड पोस्ट जैसी ट्रैकिंग
HighLights
- डाक विभाग ने साधारण डाक के लिए भी बारकोड आधारित ट्रैकिंग सुविधा शुरू की
- अब सामान्य पत्र, अंतर्देशीय पत्र, बुक पोस्ट और छोटे पार्सल की भी निगरानी हो सकेगी
- हर स्तर पर डाक स्कैन होगी, उपभोक्ता डाकघर से स्थिति की जानकारी ले सकेगा
भोपाल। अब अंतरदेशीय पत्र अथवा साधारण डाक से पार्सल भेजने के बाद उसके गंतव्य तक पहुंचने की चिंता कम होगी। डाक विभाग ने साधारण डाक के लिए भी बारकोड आधारित ट्रैकिंग सुविधा शुरू कर दी है। इससे सामान्य पत्र, अंतर्देशीय पत्र, बुक पोस्ट, प्रिंटेड बुक्स और छोटे पार्सल की निगरानी की जा सकेगी।
इन सेवाओं को भी ट्रैकिंग के दायरे में लाया गया है
अब तक भेजी गई डाक को ट्रैक करने की सुविधा केवल स्पीड पोस्ट और अन्य रजिस्टर्ड डाक सेवाओं तक सीमित थी। साधारण डाक भेजने वालों को विलंब होने या डाक गुम होने की स्थिति में परेशानी का सामना करना पड़ता था। इस स्थिति में सुधार के लिए अब इन सेवाओं को भी ट्रैकिंग के दायरे में लाया गया है।
एक यूनिक बारकोड लगाया जाएगा
नई व्यवस्था के तहत डाकघर में चिट्ठी या लिफाफा पहुंचते ही उस पर एक यूनिक बारकोड लगाया जाएगा। इसे सिस्टम में दर्ज किया जाएगा। इसके बाद डाक जिस भी डाकघर से होकर गुजरेगी, वहां उसे स्कैन कर सिस्टम में अपडेट किया जाएगा। इससे डाक की पूरी आवाजाही रिकॉर्ड होती रहेगी और उसके गुम होने या अनावश्यक विलंब की संभावना काफी कम हो जाएगी। उपभोक्ता डाकघर पहुंचकर अपनी डाक की स्थिति की जानकारी भी प्राप्त कर सकेगा।
प्रदेश में हर महीने करीब 7 से 7.5 लाख साधारण डाक एक स्थान से दूसरे स्थान भेजी जाती है। इन्हें एकत्र करने के लिए केवल भोपाल शहर में ही 169 पत्र पेटियां स्थापित हैं। इसके अलावा अन्य शहरों और डाकघरों के बाहर भी डाक विभाग ने पत्र पेटियां लगाई हैं।




