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यू-टर्न लिया या रॉन्ग साइड निकले तो खैर नहीं, शहर के 13 पॉइंट्स पर ACP संभालेंगे कमान

 

भोपाल। भोपाल की सड़कों पर अब पुलिस चेकिंग को देखकर गाड़ी मोड़ना या तंग गलियों और गलत दिशा (रॉन्ग साइड) में वाहन दौड़ाकर भागना चालकों को भारी पड़ने वाला है। भोपाल ट्रैफिक पुलिस ने सड़क हादसों को रोकने और नियम तोड़ने वालों को रंगे हाथ पकड़ने के लिए अपनी रणनीति में आमूलचूल बदलाव किया है।

अक्सर चेकिंग से बचने की हड़बड़ी में वाहन चालक विपरीत दिशा में गाड़ी दौड़ा देते हैं, जिससे गंभीर हादसे होते हैं। इसी खतरे को टालने के लिए 1 जुलाई से शहर में एक बेहद सख्त और नई घेराबंदी व्यवस्था लागू कर दी गई है।

40 की जगह अब सिर्फ 13 ‘सुपर पॉइंट्स’

पुलिस ने शहर भर में बिखरे रहने वाले 40 छोटे चेकिंग पॉइंट्स को समेटकर अब केवल 13 प्रमुख पॉइंट्स में तब्दील कर दिया है। फर्क यह है कि अब इन कम पॉइंट्स पर इतनी भारी पुलिस मुस्तैद रहेगी कि वहां से किसी का भी बचकर निकलना नामुमकिन होगा। फिलहाल इस कड़े अभियान की कोई अंतिम समय-सीमा तय नहीं की गई है।

एक पॉइंट, 16 पुलिसकर्मी और ACP की निगरानी

पुरानी व्यवस्था में 40 पॉइंट्स पर महज 5-5 पुलिसकर्मी तैनात होते थे, जिससे कुल 200 जवान ही मोर्चे पर रहते थे। लेकिन अब कमान सीधे एसीपी (ACP) स्तर के अधिकारियों के हाथ में सौंपी गई है।

स्टाफ का नया गणित: अब हर एक पॉइंट पर 16 पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे. इस बल में 5 अधिकारी शामिल होंगे।

महिला स्टाफ की मुस्तैदी: महिला वाहन चालकों की जांच और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए हर पॉइंट पर महिला अधिकारियों और महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती अनिवार्य की गई है।

बढ़ा पुलिस बल: इस नई व्यवस्था के कारण ऑन-ड्यूटी पुलिसकर्मियों की संख्या बढ़कर 213 हो गई है, जिनकी कमान सीधे संबंधित क्षेत्र के एसीपी संभाल रहे हैं।

रोज बदलेंगी लोकेशंस, शाम 6 से रात 10 बजे तक ‘मेगा ब्लॉकेड’

यह विशेष चेकिंग अभियान रोजाना शाम 6 बजे से रात 10 बजे तक चलाया जा रहा है। चालकों को चकमा देने के लिए ये 13 पॉइंट्स स्थायी नहीं रखे गए हैं, बल्कि हर दिन इनकी जगह (लोकेशन) बदल दी जाएगी। किस दिन कहां घेराबंदी करनी है, यह रोजाना संबंधित एसीपी तय करेंगे।अधिकारियों के अनुसार, चेकिंग देखकर अचानक यू-टर्न लेने या रॉन्ग साइड भागने के कारण शहर में रोजाना औसतन 7 हादसे होते थे, जिन पर अब लगाम लगेगी।

सख्ती का असर: तीन गुना बढ़ गए चालान

नई व्यवस्था लागू होते ही जमीन पर इसके बड़े नतीजे देखने को मिले हैं। पहले जहां रोजाना करीब 1,000 वाहनों की जांच में औसतन 700 चालान बनते थे, वहीं अब रोजाना लगभग 3,000 वाहनों को रोककर औसतन 2400 चालान काटे जा रहे हैं।

मुख्य रूप से इन 5 गलतियों पर हो रही है सीधी कार्रवाई:

1. हेलमेट न पहनना

2. सीट बेल्ट का उपयोग न करना

3. गाड़ी चलाते समय मोबाइल पर बात करना

4. वाहनों के शीशों पर काली फिल्म लगाना

5. बिना नंबर या डिफेक्टिव नंबर प्लेट के वाहन दौड़ाना

इन 13 प्रमुख लोकेशंस पर रहेगी पुलिस की नजर (जोन अनुसार)

जोन-1 : हबीबगंज तिराहा, अर्जुन नगर लिंक रोड-2, रानी कमलापति स्टेशन

जोन-2 : डीबी मॉल के सामने, बरखेड़ा पठानी 80 फीट रोड, राजा भोज बाग सलैया

जोन-3 : रेतघाट, डीआईजी बंगला, गौतम नगर, कलेक्ट्रेट तिराहा, कोहेफिजा

जोन-4 : कैंची छोला (निशांतपुरा), संत जी की कुटिया के पास, बैरागढ़ और चूना भट्टी चौराहा

पहले चेकिंग देखकर वाहन चालक वापस लौट जाते थे या रॉन्ग साइड भागने की कोशिश करते थे, जिससे हादसे का खतरा बढ़ जाता था। इसलिए कम पॉइंट पर ज्यादा पुलिस बल, एसीपी की निगरानी, बदलती लोकेशन और मजबूत घेराबंदी की व्यवस्था लागू की गई है, ताकि नियम तोड़ने वाला कोई भी वाहन चालक बचकर न निकल सके।- बसंत कौल, एडिशनल डीसीपी (ट्रैफिक)

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