मध्य प्रदेश में एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन ने सरकारी तेल कंपनियों की नीतियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और आज इस मंच से एक बड़े राष्ट्रव्यापी आ…और पढ़ें

गैस कंपनियों की तानाशाही के खिलाफ एकजुट होंगे एजेंसी संचालक (फाइल फोटो)
HighLights
- आज तेल कंपनियों के खिलाफ महाआंदोलन की तैयारी है
- 600 से ज्यादा प्रतिनिधि जुटेंगे, आज बनेगी आर-पार की रणनीति
- गैस डिस्ट्रीब्यूटर्स ने डिलीवरी शुल्क चार्ज बढ़ाने की मांग की है
भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आज गैस एजेंसी संचालकों का एक बड़ा राष्ट्रीय अधिवेशन होने जा रहा है, जिसमें देश भर के 600 से अधिक प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं। एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन ने सरकारी तेल कंपनियों की नीतियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और आज इस मंच से एक बड़े राष्ट्रव्यापी आंदोलन की रणनीति तैयार की जाएगी।
गैस चूल्हा और पाइप खरीदने का दबाव
एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीएस शर्मा ने ऑयल कंपनियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि नियम के मुताबिक कोई भी गैस एजेंसी नए कनेक्शन के साथ ग्राहक को चूल्हा, पाइप या लाइटर खरीदने के लिए मजबूर नहीं कर सकती। उपभोक्ता अपनी इच्छा से बाजार से आईएसआई (ISI) मार्क वाला सामान लेने के लिए स्वतंत्र है। इसके बावजूद, कंपनियां हर एजेंसी को प्रति माह 5-5 हजार सुरक्षा ट्यूब बेचने का जबरन टारगेट दे रही हैं।
तेल कंपनियों ने खारिज किया आरोप
दूसरी तरफ, तेल कंपनियों ने इन आरोपों को खारिज किया है। कंपनियों का कहना है कि सुरक्षा के लिहाज से हर 5 साल में पाइप बदलना जरूरी है, लेकिन किसी पर दबाव नहीं बनाया जाता। अगर कोई जबरन बिक्री करे, तो उपभोक्ता टोल-फ्री नंबर 1800-233-3555 पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
होम डिलीवरी चार्ज बढ़ाने की मांग
अधिवेशन में डिस्ट्रीब्यूटर्स होम डिलीवरी शुल्क में बढ़ोतरी का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाएंगे। एसोसिएशन के अनुसार, वर्तमान में उन्हें प्रति सिलेंडर महज 35 रुपये डिलीवरी चार्ज मिलता है। प्रशासनिक और अन्य खर्चों को जोड़कर यह लागत करीब 71 रुपये बैठती है, जिसे बढ़ती महंगाई को देखते हुए और कुल खर्च मिलाकर 150 रुपये किया जाना चाहिए। आज सुबह 10:30 से शाम 6 बजे तक चलने वाली इस बैठक में इन सभी समस्याओं पर अंतिम फैसला लिया जाएगा।




