एग्रसर इंडिया (AgrasarIndia) भोपाल डेस्क टीम
महज़ 25 साल की उम्र में संन्यास: इंग्लैंड के तेज गेंदबाज जॉन टर्नर ने छोड़ा प्रोफेशनल क्रिकेट, लगातार चोटों से थे परेशान
लंदन: क्रिकेट जगत से एक बेहद चौंकाने वाली और निराशाजनक खबर सामने आई है। सिर्फ दो साल पहले (2024 में) अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू करने वाले 25 वर्षीय युवा तेज गेंदबाज जॉन टर्नर (John Turner) ने प्रोफेशनल क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर दिया है। लगातार बनी रहने वाली गंभीर चोटों (इंजरी) के कारण उन्हें यह कठिन फैसला लेना पड़ा है। उनकी घरेलू काउंटी टीम हैम्पशायर ने गुरुवार (06 अगस्त 2026) को एक आधिकारिक विज्ञप्ति जारी कर उनके संन्यास की पुष्टि की।
मुख्य बिंदु (Highlights)
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युवा गेंदबाज का संन्यास: महज 25 साल की उम्र में इंग्लैंड के तेज गेंदबाज जॉन टर्नर ने क्रिकेट को अलविदा कह दिया है।
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चोट बनी मुख्य वजह: ‘स्ट्रेस फ्रैक्चर’ और पुरानी चोटों के इतिहास के कारण उन्हें पिछले एक साल से अधिक समय से मैदान से बाहर रहना पड़ा था।
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अंतरराष्ट्रीय करियर: टर्नर ने साल 2024-25 में वेस्टइंडीज दौरे पर इंग्लैंड के लिए वाइट-बॉल क्रिकेट में पदार्पण किया था।
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घरेलू प्रदर्शन: उन्होंने हैम्पशायर के लिए सभी प्रारूपों में 53 मैच खेलकर 97 विकेट हासिल किए थे।
अंतरराष्ट्रीय और घरेलू करियर पर एक नजर
दक्षिण अफ्रीका में जन्मे जॉन टर्नर ने अपनी बेहतरीन गति और स्विंग के दम पर जल्द ही अंग्रेजी क्रिकेट में अपनी पहचान बनाई थी। उन्होंने इंग्लैंड के लिए कुल 2 वनडे और 2 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले। वनडे फॉर्मेट में उनके नाम 2 विकेट, जबकि टी20 अंतरराष्ट्रीय में 1 विकेट दर्ज है।
वहीं, घरेलू टीम हैम्पशायर के लिए खेलते हुए उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया और 53 मैचों में 97 विकेट चटकाए। वह आखिरी बार जून 2025 में हैम्पशायर के लिए मैदान पर उतरे थे, जिसके बाद से ही वे पीठ के गंभीर ‘स्ट्रेस फ्रैक्चर’ से जूझ रहे थे।
संन्यास पर क्या बोले जॉन टर्नर?
अपने संन्यास के इस बेहद भावुक क्षण में जॉन टर्नर ने कहा, “प्रोफेशनल और इंटरनेशनल क्रिकेट खेलना हमेशा से मेरा सपना रहा है। इंग्लैंड और हैम्पशायर के लिए खेलना मेरे बचपन के सपने के सच होने जैसा था। खेल से रिटायर होने का फैसला करना मेरे जीवन के सबसे कठिन फैसलों में से एक रहा है।”
उन्होंने आगे कहा, “स्ट्रेस फ्रैक्चर की वजह से मैं एक साल से ज्यादा वक्त तक खेल से दूर रहा। मेरी इंजरी के इतिहास ने मुझे एक क्रिकेटर के तौर पर और भविष्य को लेकर सोचने पर मजबूर किया, जिसके बाद मैंने तय किया कि अब अपने जीवन की अगली चुनौती की ओर बढ़ने का यही सही वक्त है।”
महज 25 साल की उम्र में किसी प्रतिभावान तेज गेंदबाज का इस तरह चोट के कारण संन्यास लेना क्रिकेट फैंस के लिए एक बड़ा झटका है।




