मध्य प्रदेश सरकार ने सुशासन मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान शुरू किया। छह महीने तक हर शुक्रवार अधिकारी जनता के बीच पहुंचकर शिकायतों का…और पढ़ें

अब जनता के बीच पहुंचेगी पूरी सरकार। (फाइल फोटो)
HighLights
- मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान हर शुक्रवार छह महीने तक चलेगा।
- अधिकारी जनता के बीच पहुंचकर शिकायतों का समाधान करेंगे।
- योजनाओं के क्रियान्वयन की कमियां दूर करने पर रहेगा फोकस।
भोपाल। सीएम हेल्पलाइन में शिकायत के बाद भी समाधान नहीं निकला, बार-बार आवेदन करने के बाद तहसील कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। जो काम चंद घंटों में हो जाना चाहिए, उसमें महीनों लग रहे हैं।
इस जैसी कई शिकायतें मंत्रालय तक पहुंच रही हैं जो कहीं न कहीं योजनाओं के क्रियान्वयन पर प्रश्नचिह्न लगाता है। सुशासन को धरातल पर पहुंचाने के लिए पहली बार जनता के बीच ‘सरकार’ मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के माध्यम से पहुंची।
आन द स्पॉट की तर्ज पर फैसले
मुख्यमंत्री डा.मोहन यादव से लेकर मंत्री, मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल से लेकर मैदानी स्तर के अधिकारी मैदान में उतरे। जन संवाद किया। मौके पर शिकायतें सुनीं और फैसला आन द स्पाट की तर्ज पर काम किया। यह क्रम आगामी छह माह यानी आठ जनवरी, 2027 तक प्रत्येक शुक्रवार को चलेगा।
क्रियान्वयन की कमियों को दूर करने का प्रयास
- दरअसल, बार-बार यह बात सामने आती है कि सरकार की योजना और मंशा, दोनों ठीक है मगर क्रियान्वयन के स्तर पर कहीं न कहीं कमियां हैं। इसके चलते सुशासन के दावे पर सवाल उठाए जाते रहे हैं। विधानसभा के सत्रों में याचिकाओं की बढ़ती संख्या, शून्यकाल में उठाए जाने वाले विषय, इसके उदाहरण हैं। मुख्यमंत्री ने व्यवस्था को चाकचौबंद करने के लिए अपर मुख्य सचिव और अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक स्तर के अधिकारियों को संभागों का प्रभारी बनाया।
- नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन सहित अन्य अविवादित मामलों के निराकरण के लिए राजस्व महाभियान चलाए। इसके परिणाम भी सामने आए और लाखों की संख्या में मामलों का निराकरण हुआ मगर बात यहीं खत्म नहीं हुई। फिर शिकायतें सामने आने लगीं। विभिन्न हितग्राहीमूलक योजनाओं के लाभ से आज भी पात्र वंचित हैं। सेवा पखवाड़े में लाखों आवेदन विभिन्न योजना में लाभ दिए जाने के लिए प्राप्त हुए।
कलेक्टरों के कामकाज का होगा आकलन
- इन सब स्थितियों को देखते हुए मुख्यमंत्री ने सरकार के आपके द्वार की तर्ज पर जन विश्वास अभियान चलाने का निर्णय लिया। पूरी सरकार जनता के बीच पहुंची। मंत्रालय के वातानुकूलित कमरों में बैठकर समीक्षा करने वाले अधिकारी दौरे पर निकले।
- निर्माणाधीन अधोसंरचना विकास के कामों के साथ आश्रम, छात्रावास, स्कूल, कालेज, आंगनबाड़ी केंद्र सहित अन्य संस्थाओं का निरीक्षण किया। हितग्राहीमूलक योजनाओं की समीक्षा की। लंबित आवेदनों की स्थिति देखी और यथासंभव मौके पर ही निराकरण भी करवाया। यह सिलसिला आगामी छह माह तक प्रत्येक शुक्रवार को चलेगा। एक-एक योजना का समीक्षा प्रतिवेदन तैयार होगा।
- कलेक्टरों के कामकाज का आकलन तो होगा ही जिले की श्रेणी भी निर्धारित होगी। इस पूरी कवायद के पीछे सरकार का उद्देश्य यही है कि इस अवधि में यह कार्यपद्धति विकसित हो जाए जिससे आमजन में यह विश्वास पैदा हो कि यदि कोई वाजिब काम है तो रुकेगा नहीं। पात्रता है तो उसे योजना का लाभ भी मिलेगा।




