एग्रसर इंडिया (AgrasarIndia) भोपाल डेस्क टीम
दिव्यांगजनों को पदोन्नति में आरक्षण देने की मांग: आयुक्त डॉ. अजय खेमरिया ने GAD को भेजा पत्र, राजस्थान-छत्तीसगढ़ की नीति का दिया हवाला
भोपाल: मध्य प्रदेश में दिव्यांग सरकारी कर्मचारियों को पदोन्नति (प्रमोशन) में आरक्षण का लाभ मिलने की उम्मीदें एक बार फिर जाग गई हैं। आयुक्त दिव्यांगजन डॉ. अजय खेमरिया ने राज्य सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) के अपर मुख्य सचिव को पत्र लिखकर दिव्यांगजनों के लिए पदोन्नति में आरक्षण की नीति तैयार करने की ठोस अनुशंसा की है।
मुख्य बिंदु (Highlights)
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पदोन्नति में आरक्षण की अनुशंसा: आयुक्त दिव्यांगजन डॉ. अजय खेमरिया ने GAD को पत्र भेजकर दिव्यांगों के लिए प्रमोशन में रिजर्वेशन की नीति बनाने की मांग की है।
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पहले भी हो चुकी है सिफारिश: इससे पहले वर्ष 2023 में भी न्यायालय आयुक्त दिव्यांगजन द्वारा ऐसी ही अनुशंसा की गई थी, लेकिन उस पर अमल नहीं हो पाया था।
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अन्य राज्यों का उदाहरण: पत्र में सुप्रीम कोर्ट के एक निर्णय का हवाला देते हुए राजस्थान और छत्तीसगढ़ सरकारों की तर्ज पर मध्य प्रदेश में भी नीति लागू करने को कहा गया है।
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कानूनी प्रावधान: ‘दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016’ की धारा 34 के प्रावधानों के तहत यह अनुशंसा की गई है।
क्यों उठी यह मांग?
दिव्यांगजनों ने इस संबंध में लगातार ज्ञापन सौंपकर और आयुक्त डॉ. अजय खेमरिया से प्रत्यक्ष भेंट कर अपनी यह प्रमुख मांग रखी थी। उनका कहना है कि अन्य कई राज्यों की तरह मध्य प्रदेश में भी दिव्यांग कर्मचारियों को उनके अधिकारों और करियर में आगे बढ़ने का उचित अवसर मिलना चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट के एक महत्वपूर्ण निर्णय के आधार पर राजस्थान और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों ने पहले ही दिव्यांगजनों को पदोन्नति में आरक्षण का लाभ देना शुरू कर दिया है। इसी तर्ज पर अब मध्य प्रदेश में भी अधिनियम के दायरे में रहकर नीति बनाने और इस पर की गई कार्रवाई से कार्यालय को अवगत कराने के निर्देश दिए गए हैं।




