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ट्रेन में पानी खरीदने से पहले सावधान! जांच में 13 पैक्ड वाटर सैंपल फेल, IRCTC का Rail Neer ब्रांड भी शामिल

एग्रसर इंडिया (AgrasarIndia) भोपाल डेस्क टीम

ट्रेन यात्रियों के स्वास्थ्य से खिलवाड़: भोपाल रेल मंडल की जांच में पैक्ड ड्रिंकिंग वाटर के 13 सैंपल फेल; IRCTC का ‘रेल नीर’ भी शामिल

भोपाल: ट्रेन से सफर करने वाले यात्रियों के लिए एक बेहद चिंताजनक खबर सामने आई है। भोपाल रेल मंडल द्वारा जून माह में चलाए गए विशेष जांच अभियान के दौरान स्टेशनों और ट्रेनों में बिकने वाले पैक्ड ड्रिंकिंग वाटर के 13 सैंपल गुणवत्ता मानकों पर फेल पाए गए हैं। कैली-लैब्स प्राइवेट लिमिटेड की जांच रिपोर्ट में इन बोतलों के पानी को पीने के लिए असुरक्षित घोषित किया गया है। हैरानी की बात यह है कि इस सूची में आईआरसीटीसी (IRCTC) का लोकप्रिय ब्रांड ‘रेल नीर’ और ‘एक्विवस’ जैसे ब्रांड भी शामिल हैं।

मुख्य बिंदु (Highlights)

  • जांच का दायरा: रेलवे के चिकित्सा विभाग ने जून माह में भोपाल, बीना, गुना और इटारसी स्टेशनों पर पैक्ड ड्रिंकिंग वाटर और खाद्य सामग्रियों के नमूने एकत्र किए थे।

  • सुरक्षित नहीं पानी: जांच में कुल 13 पानी के सैंपल फेल पाए गए, जिनमें कुछ बोतलों के पानी में असामान्य गंध की पुष्टि भी हुई है।

  • स्वास्थ्य पर असर: दूषित और अशुद्ध पानी पीने से यात्रियों को पेट दर्द, उल्टी-दस्त, फूड पॉइजनिंग, संक्रमण और डिहाइड्रेशन जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

  • खाद्य सामग्री सुरक्षित: राहत की बात यह रही कि पानी के अलावा जांच में समोसे, कचौरी, चाय, बिस्किट (बार्बन, यूनिबिक), कोल्ड ड्रिंक्स और मसालों जैसे अन्य खाद्य पदार्थों के सैंपल गुणवत्ता मानकों पर सही पाए गए।

पानी की अशुद्धियां आंखों से पहचानना है मुश्किल

विशेषज्ञों के अनुसार, खाने-पीने की अन्य चीजों में खराबी अक्सर रंग, स्वाद या गंध से पकड़ में आ जाती है, लेकिन पानी में मौजूद सूक्ष्म जीवाणु (बैक्टीरिया) और रासायनिक अशुद्धियां सामान्य आंखों से दिखाई नहीं देतीं। केवल बोतल या उसका सील देखकर उसकी शुद्धता का अंदाजा लगाना मुमकिन नहीं होता, जिसके लिए लैब परीक्षण ही एकमात्र जरिया है।

रेलवे का पक्ष

इस मामले में जब आईआरसीटीसी और रेलवे के अधिकारियों से बात की गई, तो उनका कहना था कि रेल नीर की गुणवत्ता की नियमित जांच की जाती है। हालांकि, रिपोर्ट सामने आने के बाद अवैध वेंडर्स और इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान कर सख्त कार्रवाई करने की बात कही जा रही है।

यात्रियों के लिए सलाह: सफर के दौरान हमेशा प्रतिष्ठित स्टालों या अधिकृत वेंडर्स से ही सीलबंद पानी की बोतल खरीदें और संदिग्ध गुणवत्ता महसूस होने पर उसकी शिकायत रेलवे के अधिकृत पोर्टल या हेल्पलाइन नंबर (139) पर अवश्य दर्ज कराएं।

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