एग्रसर इंडिया (AgrasarIndia) भोपाल डेस्क टीम
किसान कल्याण वर्ष-2026: भोपाल संभाग को प्रदेश में अव्वल बनाने के लिए होगी रोजाना मॉनिटरिंग, संभागायुक्त ने दिए कड़े निर्देश
भोपाल: ‘किसान कल्याण वर्ष-2026’ के तहत भोपाल संभाग को मध्य प्रदेश में प्रथम स्थान पर लाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इसके लिए कृषि और उससे जुड़े सभी संबद्ध विभागों के अधिकारियों के कार्यों की अब रोजाना मॉनिटरिंग की जाएगी। संभागायुक्त कर्मवीर शर्मा ने मंगलवार को कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन और मत्स्य विभाग की एक संयुक्त उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में योजनाओं के शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्य बिंदु (Highlights)
-
किसानों के मामलों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं: संभागायुक्त ने स्पष्ट शब्दों में निर्देश दिए हैं कि किसानों से जुड़ी योजनाओं और मामलों में किसी भी प्रकार की कोताही या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी, जिसके लिए एक प्रभावी निगरानी तंत्र स्थापित किया जा रहा है।
-
अमानक खाद-बीज विक्रेताओं पर शिकंजा: किसानों को गुणवत्तापूर्ण कृषि सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खाद और बीज की बिक्री पर रोजाना नजर रखी जाएगी। साथ ही, अमानक (घटिया) खाद-बीज बेचने वाले कारोबारियों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
-
उद्यानिकी और क्लस्टर योजना पर विशेष जोर: बैठक में उद्यानिकी फसलों की शत-प्रतिशत गिरदावरी कराने, रकबा और उत्पादन बढ़ाने पर जोर दिया गया। ‘एक जिला-एक उत्पाद’ योजना के तहत फसलों का दायरा बढ़ाने को कहा गया है। इसके अलावा, भोपाल मेट्रोपॉलिटन रीजन में एग्रो-बेस्ड (कृषि आधारित) उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए क्षेत्रवार डेटा जुटाकर विशेष क्लस्टर योजना तैयार की जाएगी।
-
पशुपालन और मत्स्य पालन से आय में वृद्धि: किसानों की आय को स्थायी रूप से बढ़ाने के लिए पशुपालन की विभिन्न योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाने तथा जलाशयों के बेहतर उपयोग के साथ आधुनिक मत्स्य तकनीकों को बढ़ावा देने के निर्देश भी दिए गए हैं।




