एग्रसर इंडिया (AgrasarIndia)
भोपाल / स्वास्थ्य डेस्क
नर्सिंग स्टाफ के लिए बड़ी राहत: अब उच्च शिक्षा और अध्ययन अवकाश के लिए नहीं काटने पड़ेंगे दफ्तरों के चक्कर, स्वास्थ्य विभाग ने पूरी प्रक्रिया की ऑनलाइन
भोपाल: मध्य प्रदेश के सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में दिन-रात मरीजों की सेवा में जुटीं नर्सों और चिकित्सा कर्मियों के लिए एक बेहद राहत भरी खबर सामने आई है। अब नर्सिंग स्टाफ को उच्च शिक्षा प्राप्त करने और अध्ययन अवकाश (Study Leave) की अनुमति के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने इस पूरी प्रक्रिया को पूरी तरह से ऑनलाइन कर दिया है, जिससे कर्मचारियों का समय बचेगा और पूरी व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी।
मुख्य बिंदु (Highlights)
-
शैक्षणिक सत्र 2026-27 से लागू होगी व्यवस्था: स्वास्थ्य विभाग के संचालक मनोज पुष्प द्वारा जारी नए आदेश के अनुसार, यह आधुनिक ऑनलाइन व्यवस्था आगामी शैक्षणिक सत्र 2026-27 से प्रभावी कर दी गई है। अब एएनएम (ANM), जीएनएम (GNM), पोस्ट बेसिक बीएससी और एमएससी नर्सिंग जैसे उच्च शिक्षा पाठ्यक्रमों के लिए नर्सिंग स्टाफ सीधे ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकेंगे।
-
ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया और शर्तें: इस डिजिटल प्रक्रिया का लाभ उठाने के लिए कर्मचारी का सर्विस रिकॉर्ड ‘ई-एचआरएमएस’ (e-HRMS) पर अपडेट होना और उससे मोबाइल नंबर का लिंक होना अनिवार्य है, क्योंकि आवेदन प्रक्रिया के दौरान ओटीपी (OTP) उसी रजिस्टर्ड नंबर पर प्राप्त होगा।
-
आवेदन के लिए जरूरी पात्रता:
-
इस सुविधा का लाभ केवल वे नियमित कर्मचारी ले सकेंगे जिन्होंने 5 साल की संतोषजनक सरकारी सेवा पूरी कर ली है और जिनका प्रोबेशन पीरियड (परीक्षा अवधि) समाप्त हो चुका है।
-
पोस्ट बेसिक बीएससी और एमएससी नर्सिंग के लिए ‘मध्य प्रदेश नर्सेस रजिस्ट्रेशन काउंसिल’ का वैध पंजीयन होना आवश्यक है।
-
विशेष रूप से ध्यान रखने योग्य बात यह है कि निजी नर्सिंग कॉलेजों में प्रवेश लेने वाले नियमित कर्मचारी इस योजना के तहत पात्र नहीं होंगे।
-
-
बॉन्ड और सेवा की अनिवार्यता: पढ़ाई पूरी करने के बाद संबंधित कर्मचारी को 5 साल तक अनिवार्य रूप से सरकारी सेवा में अपनी सेवाएं देनी होंगी। इसके लिए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) के समक्ष 5 लाख रुपये का बॉन्ड भरना होगा। इसके अलावा, पूरे सेवाकाल में केवल एक बार ही अध्ययन अवकाश मिलेगा, जिसमें खाते में मौजूद छुट्टियों के बाद की शेष अवधि अवैतनिक रहेगी।
-
समय-सीमा और चरणबद्ध कार्यक्रम:
-
पहला चरण (13 से 22 अक्टूबर): जिलों के सीएमएचओ स्तर पर दस्तावेजों की जांच कर पात्र आवेदन राज्य स्तर पर भेजे जाएंगे।
-
दूसरा चरण (13 से 23 अक्टूबर): भोपाल स्तर पर अंतिम परीक्षण के बाद अध्ययन अवकाश स्वीकृत किया जाएगा।
-
विभाग ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि 28 अक्टूबर 2026 तक सभी पात्र कर्मचारियों को उनके कार्यस्थल से अनिवार्य रूप से रिलीव कर दिया जाए, ताकि वे समय पर अपनी आगे की पढ़ाई शुरू कर सकें।
-
इस नई डिजिटल पहल से न केवल कागजी कार्रवाई और भागदौड़ से मुक्ति मिलेगी, बल्कि स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को अपनी शैक्षणिक योग्यता बढ़ाने के लिए एक सुगम और पारदर्शी मंच भी प्राप्त होगा।




