एग्रसर इंडिया (AgrasarIndia)
भोपाल / शासन एवं विधानसभा डेस्क
मध्य प्रदेश विधानसभा होगी पेपरलेस: दिसंबर के शीतकालीन सत्र से लागू होगा ‘नेवा’ (NEVA) ऐप, 28 से 30 अक्टूबर तक 230 विधायकों को दिया जाएगा विशेष प्रशिक्षण
भोपाल: मध्य प्रदेश विधानसभा के आगामी दिसंबर माह में होने वाले शीतकालीन सत्र से विधायी कामकाज पूरी तरह डिजिटल और पेपरलेस होने जा रहा है। केंद्र सरकार के ‘डिजिटल इंडिया’ कार्यक्रम के तहत राज्य में ‘नेशनल ई-विधान एप्लिकेशन’ (NEVA) को लागू किया जा रहा है। इस आधुनिक व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए विधानसभा सचिवालय द्वारा 28 से 30 अक्टूबर तक प्रदेश के सभी 230 विधायकों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिसकी तैयारियां अंतिम चरण में हैं।
मुख्य बिंदु (Highlights)
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विधायकों के लिए विशेष प्रशिक्षण शिविर: विधानसभा सचिवालय ने प्रशिक्षण की रूपरेखा तैयार कर ली है। सभी 230 विधायकों को 50-50 के कुल 5 बैचों में बांटा गया है, जिसमें एक दिन में दो अलग-अलग सत्र आयोजित किए जाएंगे। अधिकारियों और कर्मचारियों को पहले ही प्रशिक्षित किया जा चुका है।
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डिजिटल होंगी सदन की सभी प्रक्रियाएं: नेवा (NEVA) प्रणाली लागू होने के बाद विधायक टैबलेट या डिजिटल उपकरणों के माध्यम से प्रश्न लगाने, ध्यानाकर्षण व स्थगन की सूचनाएं देने, संकल्प पत्र, याचिकाएं और गैर-सरकारी विधेयक पेश करने जैसे सभी कार्य ऑनलाइन कर सकेंगे। इसके अलावा कार्यसूची, प्रश्नों के उत्तर और पुराने दस्तावेज ढूंढना भी बेहद आसान हो जाएगा।
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मंत्रियों के स्टाफ और अधिकारियों की ट्रेनिंग: इस तकनीक के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए केवल विधायकों को ही नहीं, बल्कि मंत्रियों के ओएसडी, निजी सहायकों (PA) और संबंधित विभागों के नोडल अधिकारियों को भी प्रशिक्षित किया जाएगा, ताकि विधानसभा सवालों के जवाब समय पर और डिजिटल माध्यम से तैयार किए जा सकें।
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पारदर्शिता और पर्यावरण संरक्षण (कागज की बचत): इस व्यवस्था के आने से हर साल छपाई पर खर्च होने वाले भारी-भरकम कागज और संसाधनों की बचत होगी। साथ ही, आम नागरिक भी ऑनलाइन पोर्टल के जरिए सदन की कार्यवाही, उठाए गए सवालों और विभागों के जवाबों को आसानी से देख सकेंगे, जिससे कामकाज में पारदर्शिता आएगी।
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देश का 20वां राज्य बनने की ओर कदम: आधिकारिक जानकारी के अनुसार, देश के 19 राज्यों के 21 सदनों में नेवा पहले ही लागू हो चुका है, और अब मध्य प्रदेश इस डिजिटल क्रांति को अपनाने वाला अगला प्रमुख राज्य बनने जा रहा है।




