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62% जवान कसौटी पर नहीं उतरे खरे, 248 ‘युवा’ पुलिसकर्मी 1 घंटे में भी नहीं दौड़ पाए 10 KM

एग्रसर इंडिया (AgrasarIndia) भोपाल डेस्क टीम

भोपाल पुलिस की फिटनेस पर बड़ा सवाल: ‘सैटरडे रनिंग ड्राइव’ के पहले ही टेस्ट में 62% जवान फिसड्डी, 1 घंटे में 10 किमी भी नहीं दौड़ पाए युवा पुलिसकर्मी

भोपाल: राजधानी में पुलिस बल को चुस्त-दुरुस्त और शारीरिक रूप से फिट रखने के उद्देश्य से शुरू की गई ‘सैटरडे रनिंग ड्राइव’ के पहले ही नतीजों ने वरिष्ठ अधिकारियों की चिंता बढ़ा दी है। पुलिस विभाग द्वारा कराए गए इस फिटनेस टेस्ट में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है, जहां शामिल हुए लगभग 62% पुलिसकर्मी तय शारीरिक मानकों पर खरे उतरने में असफल रहे। सबसे निराशाजनक बात यह रही कि 45 वर्ष से कम आयु वाले युवा जवानों का प्रदर्शन भी उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा।

मुख्य बिंदु (Highlights)

  • ड्राइव के पहले ही नतीजे चिंताजनक: राजधानी के सभी 12 एसीपी संभागों में आयोजित इस फिटनेस प्रक्रिया में कुल 560 पुलिसकर्मियों ने हिस्सा लिया, जिनमें से 349 जवान निर्धारित समय में अपने लक्ष्य को हासिल करने में नाकामयाब रहे।

  • 45 वर्ष से कम उम्र के युवा पिछड़े: इस युवा श्रेणी में 396 पुलिसकर्मी शामिल थे, जिनका लक्ष्य 60 मिनट में 10 किलोमीटर दौड़ना था। इनमें से केवल 148 जवान ही सफल हो सके, जबकि 248 जवान (62% से अधिक) असफल रहे। मिसरोद (70), निशातपुरा (49) और कोतवाली (21) संभाग के युवाओं में से तो एक भी जवान तय समय में यह दूरी तय नहीं कर पाया। हालांकि, जहांगीराबाद के सभी 26 और टीटी नगर के सभी 22 जवानों ने शत-प्रतिशत सफलता हासिल कर मिसाल पेश की।

  • अन्य आयु वर्ग के आंकड़े:

    • 45 से 55 वर्ष की उम्र (लक्ष्य: 45 मिनट में 5 किमी): इस वर्ग के 118 पुलिसकर्मियों में से 53 सफल रहे, जबकि 65 (लगभग 55%) पिछड़ गए।

    • 55 वर्ष से अधिक उम्र (लक्ष्य: 25 मिनट में 3 किमी): सीनियर श्रेणी के 46 कर्मचारियों में से महज 10 ही लक्ष्य तक पहुंच पाए, जबकि मिसरोद और निशातपुरा के इस आयु वर्ग के सभी पुलिसकर्मी असफल रहे।

अभ्यास के लिए दिया जाएगा और समय

जांच के दौरान यह बात भी सामने आई कि कुछ थानों में जवानों ने दौड़ लगाने के बजाय केवल हल्की स्ट्रेचिंग करके औपचारिकता पूरी की। वहीं, 55 वर्ष से अधिक उम्र के कई जवानों ने स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों का हवाला देते हुए दौड़ के बजाय योग का विकल्प चुना। पुलिस विभाग अब इन परिणामों की समीक्षा कर रहा है और जवानों की फिटनेस सुधारने के लिए उन्हें अभ्यास हेतु और अधिक समय व अवसर देने की तैयारी कर रहा है।

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