एग्रसर इंडिया (AgrasarIndia)
भोपाल / शासन एवं भ्रष्टाचार डेस्क
नगरीय निकायों में 250 करोड़ का GeM पोर्टल घोटाला: 306 की एलईडी 11,800 में और 5 रु. का केमिकल 33,500 में खरीदा; 138 अधिकारी नपे, 80 फर्में ब्लैकलिस्ट
भोपाल: मध्य प्रदेश के नगरीय निकायों में गवर्नमेंट ई-मार्केट प्लेस (GeM) पोर्टल के जरिए की गई खरीदी में एक बहुत बड़े और चौंकाने वाले वित्तीय घोटाले का खुलासा हुआ है। पिछले तीन वर्षों (2023 से 2026) के दौरान हुई कुल 1,134 करोड़ रुपये की सरकारी खरीदी के विशेष ऑडिट और डेटा विश्लेषण में 250 करोड़ रुपये के गोलमाल का पर्दाफाश हुआ है। एसीएस संजय दुबे और एमपीएसईडीसी के एडिशनल एमडी अंशुमान राज द्वारा सामने लाए गए इन तथ्यों के बाद शासन स्तर पर बड़ी प्रशासनिक गाज गिराते हुए 138 अधिकारियों-कर्मचारियों और 80 फर्मों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई है।
मुख्य बिंदु (Highlights)
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भ्रष्टाचार के हैरान करने वाले आंकड़े:
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कचरा वाहन घोटाला: जो कचरा वाहन सामान्य बाजार दरों पर 2 लाख रुपये में उपलब्ध था, उसे कुछ निकायों ने अतिरिक्त सामान के नाम पर 6 लाख रुपये तक में खरीदा। कई छोटे निकायों ने जरूरत न होने पर भी डेढ़-डेढ़ करोड़ रुपये के वाहन खरीद डाले।
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एलईडी लाइट्स और केमिकल में लूट: बाजार में 306 रुपये में मिलने वाली एलईडी लाइट को निकायों ने 11,800 रुपये तक की भारी-भरकम कीमत पर खरीदा। हद तो तब हो गई जब मात्र 5 रुपये प्रति लीटर मिलने वाले केमिकल को कागजों में 33,500 रुपये प्रति लीटर की दर से खरीदा गया दर्शाया गया।
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शासन की बड़ी दंडात्मक कार्रवाई: वित्तीय अनियमितताओं और पदीय लापरवाही के आरोप में सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए कुल 138 कर्मचारियों पर कार्रवाई की है:
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7 अधिकारी सेवा से बर्खास्त (पदच्युत) किए गए हैं।
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76 अधिकारियों/कर्मचारियों की वेतनवृद्धि रोकी गई है।
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नियमों की धज्जियां उड़ाने वाली 80 ठेकेदार फर्मों को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है।
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उच्च स्तरीय जांच जारी: नगरीय विकास एवं आवास राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी ने स्पष्ट किया है कि इस पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच जारी है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।




