एग्रसर इंडिया (AgrasarIndia)
भोपाल / राजनीतिक डेस्क
भाजपा के राजनीतिक अभियान के नारे में बदलाव: अब ‘भीड़तंत्र’ की जगह ‘अराजकता हटाओ’ नारे के साथ 5 नवंबर तक चलेगा अभियान, 10 लाख युवाओं तक पहुंचने का लक्ष्य
भोपाल: भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कांग्रेस के खिलाफ आगामी राजनीतिक अभियान के स्लोगन और रणनीति में बड़ा बदलाव किया है। पार्टी ने पहले तय किए गए नारे ‘लोकतंत्र बचाओ, भीड़तंत्र हटाओ’ को बदलकर अब ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ कर दिया है। प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की मौजूदगी में हुई वर्चुअल उच्चस्तरीय बैठक के बाद, इस अभियान को लेकर सभी नेताओं को जमीनी स्तर पर जिम्मेदारियां सौंप दी गई हैं, जो आगामी 5 नवंबर तक व्यापक स्तर पर चलाया जाएगा।
मुख्य बिंदु (Highlights)
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नारे में बदलाव और नया निर्देश: भाजपा के राष्ट्रीय मुख्यालय प्रभारी तरुण चुग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के तहत अब यह पूरा अभियान संशोधित नाम ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ के साथ 5 नवंबर 2026 तक संचालित किया जाएगा।
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मतदाता सूची और ऐतिहासिक मुद्दों पर फोकस: इस अभियान का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के समर्थन में जन-जागरूकता फैलाना है। इसके साथ ही कार्यक्रमों के माध्यम से देश के पूर्व के आपातकाल, प्रेस पर लगी सेंसरशिप और सरकारों की बर्खास्तगी जैसे ऐतिहासिक मुद्दों को उठाकर कांग्रेस को घेरा जाएगा। साथ ही, मोदी सरकार के कार्यकाल में रक्षा, विज्ञान, बुनियादी ढांचे और जनकल्याण की उपलब्धियों को जनता के बीच रखा जाएगा।
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युवाओं को जोड़ने की बड़ी रणनीति: हर विधानसभा क्षेत्र में विशेष गोष्ठियों का आयोजन किया जाएगा। विशेष तौर पर कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और आईटीआई (ITI) परिसरों में युवाओं को जोड़ने के लिए ‘लोकतंत्र बनाम अराजकता’ विषय पर संवाद और विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन होगा, जिसके जरिए राष्ट्रीय स्तर पर 10 लाख से अधिक युवाओं तक पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है।




