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आयुष विभाग में 65 साल की आयु तक नौकरी का रास्ता खुला, पर वेतन नहीं देगी एमपी सरकार, नई गाइडलाइन जारी

एग्रसर इंडिया (AgrasarIndia) भोपाल डेस्क टीम

मध्य प्रदेश आयुष विभाग में सेवानिवृत्ति आयु पर नया आदेश: 62 से 65 साल तक नौकरी का रास्ता खुला, लेकिन बिना वेतन; हाईकोर्ट से अंतरिम आदेश लाने वालों को मिलेगा लाभ

भोपाल: मध्य प्रदेश के आयुष विभाग में डॉक्टरों, प्रोफेसरों और कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति की आयु को लेकर असमंजस की स्थिति के बीच विभाग ने नए दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। इसके तहत आयुष विभाग में सेवानिवृत्ति की उम्र 62 से बढ़ाकर 65 साल तक काम करने का रास्ता तो खुल गया है, लेकिन सरकार इन तीन वर्षों (62 से 65 वर्ष) का नियमित वेतन देने को तैयार नहीं है। इस सुविधा का लाभ केवल उन्हीं कर्मचारियों और डॉक्टरों को मिलेगा, जिन्होंने उच्च न्यायालय से अपने पक्ष में अंतरिम आदेश प्राप्त किया है।

मुख्य बिंदु (Highlights)

  • तीन श्रेणियों में बांटे गए कर्मचारी: सरकार के नए निर्देशों के अनुसार, 62 साल की उम्र पूरी कर चुके आयुष विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों को तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया है:

    1. पहली श्रेणी: वे कर्मचारी जो 62 साल में सेवानिवृत्त हो चुके हैं और कोर्ट नहीं गए, उन्हें 62 वर्ष पर ही सेवानिवृत्त मानकर सभी लाभ दिए जाएंगे।

    2. दूसरी श्रेणी: जिन्होंने कोर्ट में याचिका तो लगाई, लेकिन नौकरी जारी रखने का कोई अंतरिम आदेश नहीं मिला, उन पर भी 62 साल की सेवानिवृत्ति का नियम लागू होगा।

    3. तीसरी श्रेणी: वे डॉक्टर और कर्मचारी जिन्होंने न्यायालय से अपने पक्ष में अंतरिम आदेश हासिल किया है, वे हाईकोर्ट के आदेश या अंतिम निर्णय तक (जो भी पहले हो) 65 साल की उम्र तक सेवा में रह सकेंगे।

  • वेतन नहीं, मिलेगी प्रोविजनल पेंशन: 62 से 65 वर्ष की अतिरिक्त अवधि में काम करने वाले डॉक्टरों और कर्मचारियों को इस दौरान नियमित वेतन और भत्ते नहीं मिलेंगे। विभागीय रिकॉर्ड में उन्हें 62 की उम्र में ही सेवानिवृत्त माना जाएगा तथा इस अवधि के लिए ‘पेंशन नियम 2026’ के तहत केवल प्रोविजनल (अस्थायी) पेंशन दी जाएगी।

  • सहमति पत्र पर हस्ताक्षर: अंतिम पीपीओ (PPO) और अन्य लंबित भुगतानों का निपटारा 65 साल की उम्र पूरी होने या हाईकोर्ट के अंतिम निर्णय के बाद ही किया जाएगा। इसके लिए विभाग ने संबंधित कर्मचारियों से लिखित सहमति पत्र पर हस्ताक्षर लेना भी शुरू कर दिया है।

मुख्यमंत्री की घोषणा और कोर्ट का आदेश

यह पूरा मामला मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की 20 जनवरी 2025 की उस घोषणा के बाद शुरू हुआ था, जिसमें उन्होंने पंडित खुशीलाल शर्मा स्वशासी आयुर्वेद महाविद्यालय के कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग की तर्ज पर आयुष विभाग में भी रिटायरमेंट की उम्र 65 साल करने की बात कही थी। हालांकि, घोषणा के डेढ़ साल बाद भी औपचारिक आदेश जारी न होने पर कई डॉक्टर हाईकोर्ट चले गए थे। जबलपुर उच्च न्यायालय द्वारा 13 जुलाई 2026 को ‘डॉ. सुधीर कुमार पांडेय बनाम मध्य प्रदेश शासन’ मामले में दिए गए अंतरिम आदेश के अनुपालन में वित्त विभाग की सहमति के बाद आयुष विभाग की उप सचिव रंजना देवड़ा ने यह नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

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