खेल डेस्क | भारतीय बैडमिंटन के उभरते हुए सितारे आयुष शेट्टी ने बैडमिंटन एशियन चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीतकर देश का नाम रोशन किया है। 20 वर्षीय आयुष ने इस टूर्नामेंट में अपने शानदार प्रदर्शन से न केवल पोडियम पर जगह बनाई, बल्कि 2018 के बाद यह उपलब्धि हासिल करने वाले पहले भारतीय पुरुष शटलर भी बन गए।
फाइनल में वर्ल्ड चैंपियन से मिली चुनौती
दुनिया की 25वीं रैंकिंग वाले आयुष शेट्टी का मुकाबला फाइनल में मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन शी यू क्यूई से था। निंगबो ओलंपिक सेंटर में खेले गए इस कड़े मुकाबले में आयुष को 8-21, 10-21 से हार का सामना करना पड़ा। आयुष ने अपनी हार स्वीकारते हुए कहा, “फाइनल में थोड़ी निराशा जरूर हुई, मैं जीत के साथ खत्म करना चाहता था, लेकिन शी यू क्यूई उस दिन मुझसे बेहतर खिलाड़ी साबित हुए। फिर भी, मैं सिल्वर मेडल पाकर शुक्रगुजार हूं।”
दिनेश खन्ना और प्रणॉय के क्लब में शामिल
आयुष शेट्टी इस प्रतिष्ठित चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचने वाले दूसरे भारतीय पुरुष सिंगल्स खिलाड़ी बन गए हैं।
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उनसे पहले 1965 में दिनेश खन्ना फाइनल में पहुंचे थे और चैंपियन बने थे।
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साल 2018 में एचएस प्रणॉय ने ब्रॉन्ज जीता था, जिसके बाद आयुष पदक जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष खिलाड़ी बने हैं।
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सेमीफाइनल में उन्होंने थाईलैंड के मौजूदा चैंपियन कुनलावुत विटिडसर्न को हराकर बड़ा उलटफेर किया था।
अगला लक्ष्य: थॉमस कप और वर्ल्ड नंबर-1
इस ऐतिहासिक जीत ने आयुष के आत्मविश्वास को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है। उन्होंने अपने भविष्य के लक्ष्यों पर बात करते हुए कहा:
“इस टूर्नामेंट ने मुझे यकीन दिला दिया है कि मैं दुनिया का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी बन सकता हूं। अब मेरा ध्यान प्रदर्शन में निरंतरता (Consistency) लाने पर है। अगला पड़ाव थॉमस कप है, और हम ट्रॉफी वापस लाने के लिए पूरी जान लगा देंगे।”




