Publisher: Agrasar India | News Desk
स्थान: भोपाल, मध्य प्रदेश
भोपाल: राजधानी भोपाल में साइबर अपराधियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। ठगों ने अलग-अलग हथकंडे अपनाकर तीन नागरिकों को निशाना बनाया और कुल 1.44 लाख रुपये की चपत लगा दी। इनमें फर्जी रिश्तेदार बनकर मदद मांगने, ऑनलाइन लोन ऐप के नाम पर झांसा देने और बिना किसी ओटीपी/लिंक के खाते से पैसे उड़ाने जैसे गंभीर मामले सामने आए हैं।
मामला 1: फर्जी रिश्तेदार बन रिटायर्ड फायर ब्रिगेड कर्मचारी से 81 हजार ठगे
जहांगीराबाद थाना क्षेत्र के मुर्गी बाजार निवासी 64 वर्षीय खालिद सिद्दीकी (सेवानिवृत्त फायर ब्रिगेड कर्मचारी) को सोमवार शाम एक अज्ञात नंबर से कॉल आया।
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ऐसे दिया झांसा: ठग ने खुद को खालिद का करीबी रिश्तेदार बताया और कहा कि वह अस्पताल में भर्ती है। उसने झांसा दिया कि वह पीड़ित के खाते में पैसे भेज रहा है और उनसे अस्पताल का बिल क्यूआर कोड (QR Code) स्कैन कर चुकाने को कहा।
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81 हजार ट्रांसफर: रिश्तेदार समझकर खालिद ने अलग-अलग ट्रांजेक्शन में ₹81,000 ट्रांसफर कर दिए। बाद में बैंक बैलेंस चेक करने पर ठगी का खुलासा हुआ। जहांगीराबाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।
मामला 2: बैंक की चेतावनी के बावजूद फर्जी लोन ऐप के चक्कर में गंवाए 28,900 रुपये
बजरिया थाना क्षेत्र स्थित एक ज्वेलरी शोरूम में काम करने वाली 22 वर्षीय हर्षिता ठाकुर गोल्ड में निवेश के लिए ऑनलाइन लोन लेना चाहती थीं।
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प्रोसेसिंग फीस के नाम पर ठगी: एक फर्जी लोन ऐप के जरिए आवेदन करने पर कथित प्रतिनिधियों ने संपर्क किया और प्रोसेसिंग फीस व वेरिफिकेशन चार्ज के नाम पर ₹28,900 ऐंठ लिए।
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बैंक ने दी थी चेतावनी: संदिग्ध लेनदेन के दौरान बैंक ने युवती को भुगतान रोकने की चेतावनी भी दी, लेकिन लोन पाने की होड़ में युवती ने चेतावनी को नजरअंदाज कर पैसे ट्रांसफर कर दिए। लोन न मिलने पर बजरिया पुलिस में मामला दर्ज कराया गया।
मामला 3: न OTP दिया, न लिंक पर क्लिक, बुजुर्ग के खाते से उड़ गए 35 हजार
साइबर ठगी का सबसे हैरान करने वाला मामला जहांगीराबाद के अहीर मोहल्ला से सामने आया है, जहाँ 72 वर्षीय हरिशंकर गुप्ता के खाते से ₹35,000 पार हो गए।
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बिना किसी जानकारी के कटा पैसा: पीड़ित बुजुर्ग के अनुसार, उन्होंने न तो किसी को ओटीपी (OTP) शेयर किया था और न ही किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक किया। मोबाइल पर पैसे कटने का मैसेज आने पर उन्हें ठगी का पता चला। पुलिस बैंक ट्रांजेक्शन की डिटेल्स खंगाल रही है।
Agrasar India की साइबर सुरक्षा सलाह:
कभी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर क्यूआर (QR) कोड स्कैन कर पैसे न भेजें (क्यूआर कोड केवल पैसे देने के लिए होता है, लेने के लिए नहीं)।
किसी भी लोन ऐप पर प्रोसेसिंग फीस के नाम पर एडवांस पैसा न दें।
बैंक की चेतावनियों और अलर्ट्स को कभी नजरअंदाज न करें।




