एग्रसर इंडिया (AgrasarIndia)
भोपाल / प्रशासन एवं शहर डेस्क
भोपाल को झुग्गी मुक्त बनाने की बड़ी तैयारी: वल्लभ भवन पहाड़ी, अरेरा हिल्स और बाणगंगा समेत प्रमुख इलाकों से हटेंगी झुग्गियां; पहले बनेंगे पक्के मकान, फिर होगा विस्थापन
भोपाल: राजधानी भोपाल के सबसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक, वीआईपी और व्यावसायिक इलाकों के आसपास दशकों से बसी झुग्गी बस्तियों को अब हटाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। भोपाल जिला प्रशासन और नगर निगम ने इसके लिए एक ठोस ‘पुनर्वास मास्टर प्लान’ तैयार किया है। इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत पहले झुग्गीवासियों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत पक्के मकान तैयार किए जाएंगे, और उसके बाद ही झुग्गियों को हटाकर उनका विस्थापन किया जाएगा।
इस पूरी योजना को लेकर संभागायुक्त कर्मवीर शर्मा ने सोमवार को वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में भोपाल को पूरी तरह ‘झुग्गी मुक्त’ बनाने और वहां रह रहे नागरिकों को स्वच्छ वातावरण व सुविधायुक्त पक्के आवास उपलब्ध कराने के लिए तेजी से कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। इस बैठक में निगमायुक्त रामप्रकाश अहिरवार, संयुक्त आयुक्त राजस्व डॉ. विनोद यादव और अपर कलेक्टर पीसी शाक्य सहित अन्य प्रमुख अधिकारी मौजूद रहे।
किन प्रमुख इलाकों को किया जाएगा झुग्गी मुक्त? (Targeted Areas)
प्रशासन द्वारा तैयार किए गए ‘झुग्गी मुक्त भोपाल प्रोजेक्ट’ के अंतर्गत शहर के कई पॉश और संवेदनशील इलाकों को चिन्हित किया गया है, जहां वर्तमान में झुग्गियां बसी हुई हैं। इन प्रमुख क्षेत्रों में शामिल हैं:
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वल्लभ भवन पहाड़ी (मंत्रालय के आसपास का क्षेत्र)
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अरेरा हिल्स
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एमपी नगर (MP Nagar)
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बाणगंगा क्षेत्र
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पत्रकार कॉलोनी
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मैनिट (MANIT) परिसर
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कोलार तिराहा और उससे लगे अन्य क्षेत्र
कहां और कैसे बंसेंगे नए प्रधानमंत्री आवास? (Rehabilitation Plan)
झुग्गीवासियों के पुनर्वास और विस्थापन के लिए प्रशासन ने चिन्हित स्थानों पर पक्के आवासों का निर्माण करने की योजना बनाई है:
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नए आवासों का निर्माण: झुग्गीवासियों को बसाने के लिए दानापानी सब्जी फार्म, राजीव नगर, और अर्जुन नगर जैसे क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर प्रधानमंत्री आवास (EWS Flats) बनाए जाने की योजना है।
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पहले निर्माण, फिर विस्थापन: प्रशासन की स्पष्ट नीति है कि झुग्गियों को रातों-रात उजाड़ने के बजाय पहले वैकल्पिक स्थानों पर पक्के आवासों का निर्माण कार्य पूरा किया जाएगा, और उसके बाद ही संबंधित परिवारों को चरणबद्ध तरीके से वहां विस्थापित किया जाएगा।
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बृहत आवासीय परियोजनाएं: अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, दानापानी फेस-1 के अंतर्गत 7,560 ईडब्ल्यूएस आवास बनाए जाने की योजना है। पूरी मास्टर प्लान योजना के तहत बाणगंगा क्लस्टर में 6,060 और दानापानी क्षेत्र में 21,255 मकान बनाए जाने प्रस्तावित हैं। इन दोनों बड़ी परियोजनाओं के तहत कुल 27,315 आवासों का निर्माण किया जाएगा, जिससे हजारों परिवारों को पक्की छत मिल सकेगी।
इस योजना के धरातਲ पर उतरने से न केवल राजधानी के वीआईपी और प्रशासनिक क्षेत्रों की सुंदरता और सुरक्षा व्यवस्था बेहतर होगी, बल्कि झुग्गी बस्तियों में नारकीय जीवन जी रहे हजारों गरीब परिवारों को आधुनिक सुविधाओं से लैस स्थायी आशियाना मिल सकेगा।




