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डिजिटल पंजीयन वाला पहला राज्य बना मध्य प्रदेश, हर साल 16 लाख दस्तावेजों का रजिस्ट्रेशन

 

भोपाल। मध्य प्रदेश ने ई-गवर्नेंस के क्षेत्र में नई उपलब्धि हासिल करते हुए संपत्ति पंजीकरण प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और कागजरहित बना दिया है। संपदा 2.0 प्रणाली के लागू होने के साथ देश का यह पहला ऐसा प्रदेश बन गया है, जहां दस्तावेजों का पूर्णतः ऑनलाइन पंजीकरण संभव हुआ है। तकनीक आधारित यह व्यवस्था नागरिकों को तेज, पारदर्शी और सुविधाजनक सेवाएं उपलब्ध करा रही है।

पंजीकरण व स्टांप विभाग राज्य के प्रमुख राजस्व अर्जित करने वाले विभागों में शामिल है। मध्य प्रदेश में हर वर्ष लगभग 16 लाख दस्तावेजों का पंजीकरण होता है, जिससे 11 हजार करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व प्राप्त होता है। बता दें, संपदा 2.0 के माध्यम से ई-पंजीकरण और ई-स्टांपिंग की सुविधाओं को और अधिक सशक्त बनाया गया है।

ऑनलाइन ई-स्टांप की सुविधा

अब नागरिक किसी भी स्थान से ऑनलाइन ई-स्टांप प्राप्त कर सकेंगे। इसके अलावा संपत्ति की पहचान को भूमि अभिलेखों तथा नगरीय प्रशासन के डेटाबेस से जोड़ा गया है और संपत्तियों की जियो-टैगिंग भी की गई है। इससे संपत्ति विवादों में कमी आने और रिकार्ड की पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद है। नई व्यवस्था में कृषि भूमि के हस्तांतरण के बाद साइबर तहसील के माध्यम से स्वचालित नामांतरण (म्युटेशन) की सुविधा भी शुरू की गई है।

वहीं स्टांप कलेक्टर न्यायालय की पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन कर दिया गया है, जिससे मामलों के निपटारे में तेजी आई है। ई-गवर्नेंस को और मजबूत करने के लिए भोपाल स्थित पंजीकरण महानिरीक्षक कार्यालय में साइबर पंजीकरण कार्यालय स्थापित किया गया है। इस सुविधा के माध्यम से 75 प्रकार के दस्तावेजों का पंजीकरण बिना कार्यालय पहुंचे ऑनलाइन किया जा रहा है।

इसके साथ ही साइबर उप-पंजीयक राज्य के किसी भी जिले से दस्तावेजों का पंजीकरण कर रहे हैं। प्रापर्टी के सलाहकारों का मानना है कि संपदा 2.0 न केवल प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बना रहा है, बल्कि नागरिकों का समय और लागत भी बचा रहा है। इससे मध्य प्रदेश डिजिटल प्रशासन और ई-गवर्नेंस के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में स्थापित हुआ है।

75 दस्तावेजों का आनलाइन पंजीयन हुआ संभव

पंजीयन मुख्यालय में शुरू हुए प्रदेश के साइबर कार्यालय की शुरूआत 16 फरवरी से की गई है, जिसमें अब तक चार हजार से अधिक दस्तावेज पंजीकृत किए गए हैं।

प्रदेश के रजिस्ट्री कार्यालयों में कुल 141 प्रकार के दस्तावेज पंजीकृत होते हैं। पहले चरण में 75 दस्तावेज आनलाइन किए किए गए हैं। इनमें रजिस्टर्ड लीज, पट्टा विलेख, प्रापर्टी एग्रीमेंट, प्रशासन बंध-पत्र, शपथ-पत्र, दत्तक ग्रहण से जुड़े दस्तावेज, बैंक गारंटी का नवीनीकरण, विक्रय प्रमाण-पत्र, वसीयत से जुड़े दस्तावेज, तलाक विलेख, क्षतिपूर्ति बंध पत्र सहित कई अन्य दस्तावेज शामिल हैं, जो कि फेसलेस तरीके से पंजीकृत किए जा रहे हैं।

पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन

  • ऑनलाइन पंजीकरण : सबसे पहले मध्य प्रदेश सरकार की वेबसाइट संपदा-2 पर जाकर पंजीकरण करना होगा और ई-केवाईसी करानी होगी।
  • दस्तावेज अपलोड : रजिस्ट्री से जुड़े सभी जरूरी दस्तावेज स्कैन करके पोर्टल पर अपलोड करने होंगे।
  • शुल्क का भुगतान : निर्धारित शुल्क का आनलाइन भुगतान किया जाएगा। कार्यालय जाने की जरूरत नहीं है।
  • तिथि का चयन : वीडियो के जरिये पंजीयन के लिए अपनी सुविधा से तिथि चुनी जा सकेगी।
  • सत्यापन : तय तारीख पर साइबर सब-रजिस्ट्रार वीडियो काल से दस्तावेजों और पक्षकारों की पहचान व सहमति की जांच करेंगे।
  • डिजिटल प्रमाणपत्र : सत्यापन के बाद डिजिटल हस्ताक्षरित प्रमाणपत्र जारी होगा, जो ई-मेल और वाट्सएप पर मिलेगा।
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