Publisher: Agrasar India | News Desk
स्थान: भोपाल, मध्य प्रदेश
तारीख: 23 जुलाई 2026
भोपाल: राजधानी भोपाल के रातीबड़ थाना क्षेत्र से सूदखोरी और रिकवरी एजेंटों की प्रताड़ना का एक बेहद दर्दनाक मामला सामने आया है। कर्ज और भारी-भरकम ब्याज के दलदल में फंसे 37 वर्षीय एक शेफ (Chef) ने कलियासोत डैम के पास पेड़ से फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली।
मृतक के पास से पुलिस को एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें उसने निजी साहूकार और एक प्राइवेट फाइनेंस कंपनी के रिकवरी एजेंटों पर मूलधन चुकाने के बावजूद लगातार प्रताड़ित करने और धमकाने के गंभीर आरोप लगाए हैं।
3.70 लाख का कर्ज बना जी का जंजाल
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार:
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मृतक की पहचान: नीलबड़ स्थित बृजधाम कॉलोनी निवासी रामश्रवण पटेल (37 वर्ष), जो कोलार रोड स्थित एक बंगले में शेफ का काम करते थे।
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घटनाक्रम: मंगलवार सुबह रामश्रवण रोज की तरह काम पर जाने की बात कहकर घर से निकले थे। शाम को कलियासोत डैम के पास एक पेड़ से उनका शव लटकता हुआ पाया गया।
सुसाइड नोट में छलका दर्द: ‘रोज ₹10 हजार ब्याज मांग रहे थे’
मौके से बरामद सुसाइड नोट और परिजनों के बयानों ने साहूकारों और रिकवरी एजेंटों की दबंगई की पोल खोलकर रख दी है:
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गहने गिरवी रखकर लौटाया मूलधन: मृतक के भाई अरुण पटेल ने बताया कि मकान निर्माण के लिए एक साहूकार से ₹3.70 लाख रुपये उधार लिए गए थे। कर्ज चुकता करने के लिए परिवार ने अपने सोने-चांदी के गहने तक गिरवी रख दिए और मूलधन वापस कर दिया।
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रोजाना ₹10,000 ब्याज की मांग: मूलधन मिलने के बाद भी साहूकार का पेट नहीं भरा और वह रोजाना 10 हजार रुपये के हिसाब से ब्याज की मांग करते हुए दबाव बना रहा था।
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रिकवरी एजेंटों का टॉर्चर: इसके साथ ही एक प्राइवेट फाइनेंस कंपनी के रिकवरी एजेंट भी दिन-रात भुगतान के लिए धमका रहे थे, जिससे रामश्रवण गहरे मानसिक तनाव में आ गए थे।
चार दिन पहले भी किया था आत्महत्या का प्रयास
स्वजनों ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि तीन-चार दिन पहले मृतक को चुनाभट्टी थाने बुलाकर घंटों बैठाया गया था। रातीबड़ थाना प्रभारी रास बिहारी शर्मा के मुताबिक, मानसिक तनाव के चलते रामश्रवण ने चार दिन पहले भी जहरीला पदार्थ खाकर खुदकुशी करने की कोशिश की थी।
पुलिस जांच में जुटी
रातीबड़ पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस सुसाइड नोट की हैंडराइटिंग, मृतक के मोबाइल की कॉल डिटेल (CDR), वित्तीय लेनदेन के रिकॉर्ड और सुसाइड नोट में नामजद लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।




