भोपाल। जिले में घरेलू और व्यावसायिक गैस सिलिंडरों की भारी किल्लत के बीच गैस एजेंसियों द्वारा उपभोक्ताओं से कथित रूप से अतिरिक्त वसूली का मामला सामने आया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे तनाव के कारण आपूर्ति प्रभावित होने से हालात ऐसे बने कि कई घरों में चूल्हा बुझने की नौबत आ गई। मजबूरी में लोग खुद सिलिंडर लेने एजेंसियों के कार्यालयों और गोदामों तक पहुंचने लगे, जहां लंबी-लंबी कतारें देखने को मिलीं। इस आपदा जैसी स्थिति का फायदा उठाते हुए एजेंसियों ने उपभोक्ताओं से प्रति सिलिंडर 35 रुपये की वसूली कर ली। इस संबंध में पिछले दिनों कलेक्ट्रेट व खाद्य शाखा में तक शिकायतें की गईं थी लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है।
महीने भर में एजेंसियों ने अवैध रूप से कमाए 35 लाख रुपये
जानकारी के अनुसार मार्च महीने से सिलिंडरों की बुकिंग व आपूर्ति प्रभावित हुई तो उपभोक्ता परेशान हुए और गोदामों व एजेंसियों पर सिलिंडरों के लिए लंबी लाइनें लगना शुरू हो गई थी। ऐसे में मार्च महीने में उपभोक्ताओं को घर पर सिलिंडर की आपूर्ति नहीं की गई, बल्कि उन्हें एजेंसी व गोदाम से सिलिंडर दिए गए। जबकि उनसे प्रति सिलिंडर घर आपूर्ति की राशि 35 रुपये वसूल की गई है। इस तरह पिछले एक महीने में करीब एक लाख से अधिक उपभोक्ताओं ने एजेंसी व गोदाम से सिलिंडर लिए तो 35 रुपये के हिसाब से करीब 35 लाख रुपये घर आपूर्ति का चार्ज एजेंसियों के खाते में जमा हुआ है। बता दें कि मार्च में सिलिंडरों को लेकर समस्या शुरू हुई तो लोगों ने एक दिन में एक लाख से अधिक बुकिंग कर दी, जिससे सर्वर व घर आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई थी। इसके बाद भी एजेंसी संचालकों ने 918 रुपये प्रति सिलिंडर उपभोक्ताओं से लिए हैं, जिसमें घर आपूर्ति की राशि भी शामिल होती है।
सभी 40 एजेंसियों और गोदामों पर लगीं उपभोक्ताओं की कतारें
मार्च के महीने में गैस सिलिंडर की आपूर्ति व्यवस्था बिगड़ने से सभी 40 एजेंसियों के साथ गोदामों पर उपभोक्ताओं की लंबी कतारें लगी थीं। जिनमें भारत, इंडेन और एचपी की एजेंसियां व गोदाम शामिल हैं। इनमें ममता, कुकवेल, गुरुनानक, प्रियंका, नवरत्न, प्रदीप, एसबी गैस, अभिषेक, विनीत, सैनी, चंद्रकांता, ब्लूफेम, बुक एंड कुक, श्रद्धा, नजीराबाद, गुनगा, आरके डिस्ट्रीब्यूटर, राजीव इंटरप्राइजेज, शिवा, शाहपुरा, रघु, अभिमन्यु, विनायक, सुनील, बालमपुर, कोलार, बंगरसिया, राय, जौहर, ब्राइट, जाह्नवी, बीएस एंड सर्विसेस, अर्चना, भेल ईएमपी, फिनिक्स, हैप्पी, मंशाराम, ऑटो गैस, आइडियल, सिद्धार्थ, शुभांकर और उर्वशी गैस एजेंसी शामिल हैं।
दावों के विपरीत धरातल पर अब भी बरकरार है किल्लत
सिलिंडर की बुकिंग व आपूर्ति व्यवस्था सुधरने का दावा कंपनियां व प्रशासन कर रहा है लेकिन ऐसा नहीं है। अब भी हर दिन 12 हजार सिलिंडर की बुकिंग हो रही है और करीब आठ हजार की आपूर्ति हो पा रही है। हर दिन करीब तीन हजार उपभोक्ता एजेंसी व गोदाम पर लाइन में लगकर सिलिंडर लेने को मजबूर हैं। इसी से परेशान होकर करोंद के रहने वाले उपभोक्ता नीरज पचौरी, धीरज लोधी, राजेश शर्मा सहित अन्य उपभोक्ताओं ने शिकायत दर्ज करवाई थी कि एजेंसी पर सिलिंडर बुक कर राशि जमा कर दी, फिर भी घर पर आपूर्ति नहीं की गई। इस वजह से 15 से 20 दिन बाद लाइन में लगकर और 918 रुपये चुकाकर सिलिंडर लेना पड़ा है।




