राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का बड़ा लक्ष्य अब घुमंतू जाति और ट्रांसजेंडरों को मुख्यधारा से जोड़ने पर है। देश में लगभग 15 करोड़ घुमंतू जाति के लोग हैं। सं …और पढ़ें

घुमंतू और ट्रांसजेंडरों को भी समाज की मुख्यधारा में लाने के लिए काम करेगा RSS
HighLights
- घुमंतू और ट्रांसजेंडरों को भी समाज की मुख्यधारा में लाने के लिए काम करेगा RSS
- संघ इनके बच्चों के शिक्षा और स्वास्थ्य का स्तर सुधारने के लिए काम करेगा
- संघ शताब्दी वर्ष की दृष्टि से सभी संगठनों ने अपना लक्ष्य निर्धारित किया है
भोपाल। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का बड़ा लक्ष्य अब घुमंतू जाति और ट्रांसजेंडरों को मुख्यधारा से जोड़ने पर है। देश में लगभग 15 करोड़ घुमंतू जाति के लोग हैं। मध्य प्रदेश में 51 घुमंतू जातियां हैं। इनका वैभव और गौरव समाज के सामने लाने का काम आरएसएस करेगा, जिससे उनका समाज में जुड़ाव बढ़ सके।
संघ इनके बच्चों के शिक्षा और स्वास्थ्य का स्तर सुधारने, स्वावलंबी बनाने, महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए काम करेगा, जिससे वह सभी की बराबरी में आ सकें। उनकी सामजिक, आर्थिक, धार्मिक स्थिति का अध्ययन किया जाएगा। इसी तरह से ट्रांसजेंडरों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए संघ का विचार संगठन सेवा भारती काम करेगा।
भोपाल के शारदा विहार आवासीय विद्यालय में शनिवार से प्रारंभ हुए मध्य भारत प्रांत के दो दिवसीय समन्वय वर्ग में विचार संगठनों ने अपनी-अपनी कार्ययोजना बताई। संघ शताब्दी वर्ष की दृष्टि से सभी संगठनों ने अपना लक्ष्य निर्धारित किया है। उद्धाटन सत्र को आरएसएस के सह सर कार्यवाह रामदत्त चक्रधर ने संबोधित किया।
समापन सत्र में रविवार को अखिल भारतीय सह बौद्धिक प्रमुख दीपक विस्पुते शामिल होंगे। संघ के सह सरकार्यवाह रामदत्त चक्रधर ने कहा है कि संघ के सभी विचार संगठन भले ही अलग-अलग क्षेत्रों में काम कर रहे हैं, पर सभी का लक्ष्य एक है कि संघ की विचारधारा और संदेश को कैसे समाज के सभी वर्गों तक पहुंचाया जाएगा।




