मध्य प्रदेश पुलिस ने तकनीकी क्षेत्र में एक नया इतिहास रच दिया है। इंदौर स्थित पुलिस रेडियो ट्रेनिंग स्कूल (पीआरटीएस) परिसर में प्रदेश के पहले और देश क …और पढ़ें

इंदौर में खुला देश का दूसरा हाईटेक ड्रोन ट्रेनिंग सेंटर
HighLights
- तकनीकी क्षेत्र में में MP पुलिस ने इतिहास रच दिया है
- इंदौर में खुला देश का दूसरा हाईटेक ड्रोन ट्रेनिंग सेंटर
- इसे DGCA से आधिकारिक मंजूरी मिली है
भोपाल। प्रदेश पुलिस ने तकनीकी क्षेत्र में एक नया इतिहास रच दिया है। इंदौर स्थित पुलिस रेडियो ट्रेनिंग स्कूल (पीआरटीएस) परिसर में प्रदेश के पहले और देश के दूसरे ड्रोन ट्रेनिंग सेंटर का भव्य शुभारंभ किया गया है। इस अत्याधुनिक केंद्र का नाम पुलिस एरियल सिस्टम्स एंड टेक्नालाजी सेंटर रखा गया है। यह देश का ऐसा पहला राज्य-स्तरीय पुलिस ड्रोन सेंटर है, जिसे नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) से आधिकारिक अनुमति प्राप्त हुई है।
इस विशेष केंद्र का उद्घाटन मुख्य अतिथि विशेष पुलिस महानिदेशक (दूरसंचार) संजीव शमी द्वारा किया गया। इस ऐतिहासिक अवसर पर देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के कुलपति, रजिस्ट्रार सहित पुलिस विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन एसपी (रेडियो) शिव कुमार गुप्ता ने किया, जबकि अंत में डीएसपी संजय कुमार मोरे ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया। बता दें कि कर्नाटक (बेंगलुरु) के बाद प्रदेश देश का ऐसा दूसरा राज्य बन गया है, जिसने पुलिस विभाग के स्तर पर इस तरह का हाईटेक प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किया है।
पीआरटीएस इंदौर के निदेशक और डीआईजी मनोज कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि इस केंद्र को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार करने के लिए विभाग की टीम ने देशभर के विभिन्न प्रतिष्ठित ड्रोन केंद्रों का दौरा किया। इसके बाद ही यहां आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर और आधुनिक प्रशिक्षण सामग्री जुटाई गई है। उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए विशेष पुलिस महानिदेशक संजीव शमी ने कानून व्यवस्था और निगरानी में ड्रोन की बढ़ती भूमिका को रेखांकित किया।
उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस विभाग की संवेदनशील और गोपनीय जानकारी को सुरक्षित रखने के लिए इस केंद्र में सुरक्षित सर्वर और सैटेलाइट कम्युनिकेशन जैसी उन्नत तकनीकों का उपयोग किया जाएगा। समारोह के समापन पर मुख्य अतिथि और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने नवनिर्मित ड्रोन ट्रेनिंग सेंटर के साथ-साथ पीआरटीएस इंदौर में स्थापित ऐतिहासिक संग्रहालय का भी अवलोकन किया और यहां की व्यवस्थाओं को सराहा।




