अग्रसर इंडिया न्यूज डेस्क रिपोर्टर: दीपक – भोपाल न्यूज डेस्क
हमीदिया रोड पर अब नहीं थमेगी रफ्तार: काली माता मंदिर से तीन मोहारा तक बनेगा ‘ट्रैफिक कॉरिडोर’, रिडिजाइन होंगे 6 व्यस्त जंक्शन
सब-डिस्क्रिप्शन: भोपाल की सबसे पुरानी और व्यस्त सड़कों में शुमार हमीदिया रोड के ट्रैफिक को स्मूथ करने के लिए पुलिस और SPA ने तैयार किया मास्टर प्लान; पुलिस कमिश्नर के सामने दी गई विस्तृत प्रस्तुति, ट्रायल में सामने आया- चौड़ाई नहीं, ‘डिजाइन’ है जाम की असली वजह।
न्यूज हाइलाइट्स:
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3.2 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर: तलैया काली माता मंदिर से तीन मोहारा तक बदलेगी ट्रैफिक की सूरत।
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6 प्रमुख जंक्शन निशाने पर: भोपाल टॉकीज, नादरा बस स्टैंड, अल्पना, संगम, भारत टॉकीज और काली माता तिराहा का होगा कायाकल्प।
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डिजाइन पर फोकस: सड़क चौड़ी करने के बजाय जंक्शनों के टर्निंग रेडियस और स्टॉप लाइन में होगा सुधार।
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अवैध पार्किंग पर वार: कॉरिडोर से हटेंगे अनावश्यक कट और अवैध पार्किंग, पैदल यात्रियों के लिए बनेंगे सुरक्षित फुटपाथ।
विस्तृत समाचार:
भोपाल। राजधानी के सबसे व्यस्त व्यापारिक क्षेत्र हमीदिया रोड पर लगने वाले रोज-रोज के जाम से अब शहरवासियों को जल्द ही मुक्ति मिलने वाली है। ट्रैफिक पुलिस ने ‘स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर’ (SPA) के साथ मिलकर तलैया स्थित काली माता मंदिर से तीन मोहारा तक करीब 3.2 किलोमीटर लंबे हिस्से को एक ‘आदर्श ट्रैफिक कॉरिडोर’ के रूप में विकसित करने की योजना तैयार की है। सोमवार को इस प्रोजेक्ट का विस्तृत ब्लूप्रिंट पुलिस कमिश्नर के सामने पेश किया गया।
ट्रायल ने खोली पोल: डिजाइन में है बड़ी खामी इस योजना को अमलीजामा पहनाने से पहले भोपाल टॉकीज चौराहे पर एक विशेष ट्रायल किया गया। ट्रायल के नतीजों ने विशेषज्ञों को भी चौंका दिया। जांच में सामने आया कि हमीदिया रोड पर ट्रैफिक जाम की मुख्य वजह सड़क की चौड़ाई कम होना नहीं है, बल्कि सड़क का गलत इस्तेमाल और जंक्शनों का त्रुटिपूर्ण डिजाइन है। ट्रायल के दौरान केवल लेन डिसिप्लिन (लेन अनुशासन), स्टॉप लाइन को सही जगह शिफ्ट करने और टर्निंग स्पेस को व्यवस्थित करने मात्र से ही ट्रैफिक के प्रवाह में बड़ा सुधार देखा गया।
6 जंक्शनों का बदलेगा नक्शा मास्टर प्लान के तहत इस कॉरिडोर में आने वाले 3 प्रमुख चौराहों और 3 तिराहों को फिर से रिडिजाइन किया जाएगा। इनमें नादरा बस स्टैंड, भारत टॉकीज और संगम जैसे वो पॉइंट शामिल हैं जहाँ घंटों वाहन रेंगते हैं। नई डिजाइन में वाहनों के मुड़ने के कोण (Turning Angle) को सुधारा जाएगा ताकि बड़े वाहन आसानी से मुड़ सकें। इसके अलावा जेब्रा क्रॉसिंग को वैज्ञानिक तरीके से बनाया जाएगा और बीच सड़क पर बने अनावश्यक कट्स को बंद किया जाएगा ताकि वाहनों की गति बाधित न हो।
बाजार क्षेत्र में पार्किंग और फुटपाथ की चुनौती चूंकि यह पूरा इलाका घनी कमर्शियल गतिविधियों का केंद्र है, इसलिए यहाँ सबसे बड़ी चुनौती ग्राहकों की पार्किंग और पैदल यात्रियों की सुरक्षा है। योजना में सड़क किनारे की पार्किंग को व्यवस्थित करने के साथ-साथ कुछ स्थानों पर ‘मल्टीलेवल पार्किंग’ का प्रस्ताव भी रखा गया है। साथ ही, दुकानदारों और ग्राहकों के लिए सुरक्षित फुटपाथ विकसित किए जाएंगे ताकि सड़क पर पैदल चलने वालों के कारण वाहनों की रफ्तार न थमे।
निष्कर्ष:
यह प्रोजेक्ट न केवल हमीदिया रोड के ट्रैफिक को व्यवस्थित करेगा, बल्कि पुराने भोपाल की व्यापारिक साख को भी नई ऊर्जा देगा। यदि SPA और ट्रैफिक पुलिस की यह जुगलबंदी सफल रहती है, तो आने वाले समय में शहर के अन्य व्यस्त इलाकों जैसे एमपी नगर और बैरागढ़ के लिए भी इसी तरह के मॉडल्स अपनाए जा सकते हैं।




