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लॉरेंस बिश्नोई गैंग का ‘कॉर्पोरेट’ कनेक्शन… MP STF ने तोड़ा फिरौती का सिंडिकेट, जयपुर जेल से लाया गया मास्टरमाइंड

 

जेल में बंद गैंग्स्टर लॉरेंस बिश्नोई के नाम पर फिरौती मांगने, दहशत फैलाने के मामलों में मध्य प्रदेश एसटीएफ को जानकारी मिली है कि गिरोह का पूरा काम ‘का …और पढ़ें

लॉरेंस बिश्नोई गैंग का 'कॉर्पोरेट' कनेक्शन... MP STF ने तोड़ा फिरौती का सिंडिकेट, जयपुर जेल से लाया गया मास्टरमाइंड

लॉरेंस बिश्नोई गैंग का ‘कॉर्पोरेट’ कनेक्शन

HighLights

  1. भोपाल के रीयल एस्टेट कारोबारी से 10 करोड़ की फिरौती मांगने वाले 3 गिरफ्तार
  2. मास्टरमाइंड जेपी डारा को जयपुर जेल से ट्रांजिट रिमांड पर भोपाल लाई पुलिस
  3. आरोपित जेपी डारा पर राजस्थान में दर्ज हैं 15 से अधिक संगीन आपराधिक मामले

भोपाल। जेल में बंद गैंग्स्टर लॉरेंस बिश्नोई के नाम पर फिरौती मांगने, दहशत फैलाने के मामलों में मध्य प्रदेश एसटीएफ को जानकारी मिली है कि गिरोह का पूरा काम ‘कार्पोरेट’ संस्थान की तर्ज पर हो रहा है। बिश्नोई के खास गुर्गे हैरी बाक्सर के निर्देशन में रैकी कर वीडियो बनाने, धमकाने या दहशत फैलाने, रुपये की वसूली व फायरिंग आदि के लिए अलग-अलग लोगों को काम सौंपा जाता है। सभी का अपना-अपना हिस्सा रहता है। इसमें फाइनेंसर की भूमिका जयपुर की जेल में बंद 18 वर्ष का जेपी डारा निभा रहा था।

भोपाल के कारोबारी से 10 करोड़ मांगने वाले तीन आरोपित गिरफ्तार

इस बीच, भोपाल के कोलार क्षेत्र के एक रीयल एस्टेट कारोबारी के घर का वीडियो बनाकर 10 करोड़ रुपये की फिरौती मांगने के आरोप में एसटीएफ द्वारा गठित एसआइटी ने तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। इनमें बीकानेर का रहने वाला जेपी डारा भी है। वह जयपुर जेल में बंद था। मध्य प्रदेश पुलिस ट्रांजिट रिमांड पर उसे लेकर भोपाल पहुंची है। अन्य दो आरोपितों में उत्तर प्रदेश के बांदा जिले का रहने वाला आनंद मिश्रा और निर्मल तिवारी हैं। मास्टर माइंड आनंद मिश्रा बताया जा रहा है। तीनों को पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड पर लिया गया है।

 

राजस्थान में दर्ज हैं 15 से अधिक गंभीर मामले

एसटीएफ के अधिकारियों ने बताया कि जेपी डारा इसके पहले बाल अपचारी के रूप में जयपुर बाल सुधार गृह में रहा है। बताया जाता है बिश्नोई गिरोह के साथ पहले भी काम कर चुका है। राजस्थान में उसके विरुद्ध 15 से अधिक गंभीर अपराध दर्ज हैं। मध्य प्रदेश के अधिकतर प्रकरणों में जेपी डारा की बड़ी भूमिका सामने आई है। वह गिरोह के सदस्यों को समय-समय पर अपराध के लिए संसाधन एवं वित्तीय सहायता उपलब्ध कराता था। एसआइटी प्रमुख डीआइजी राहुल कुमार लोढ़ा ने बताया कि अब गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ और प्रमाण के आधार पर पता करेंगे कि लारेंस बिश्नोई से ये कैसे जुड़े हैं।

मध्य प्रदेश में बिश्नोई गैंग की सक्रियता

प्रदेश में पिछले लगभग दो माह में 10 घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इनमें लारेंस बिश्नोई का खास गुर्गा कहे जाने वाले हैरी बाक्सर के नाम से वाट्सएप पर वीडियो कॉल या वाइस नोट से धमकी देकर फिरौती मांगी गई। डराने के लिए घर के वीडियो बनाकर उसे भेजे गए। मध्य प्रदेश में बिश्नोई के नाम पर फिरौती मांगने की पहली घटना फरवरी में अशोकनगर में सामने आई थी। कारोबारी से 10 करोड़ रुपये मांगे गए थे। इस मामले में एसटीएफ ने चार आरोपितों को गिरफ्तार किया था। खरगोन में तो एक कारोबारी के यहां फायरिंग भी हुई। सभी मामलों में 10 करोड़ रुपये या अधिक की फिरौती मांगी गई। संबंधित जिलों में पुलिस ने प्रकरण कायम किया था। इनमें छह केस एसटीएफ को हस्तांतरित हो गए हैं।

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