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भोपाल / स्वास्थ्य एवं खाद्य सुरक्षा डेस्क
मध्य प्रदेश में खाद्य सुरक्षा पर बड़ा संकट: जांच में घी के 42 ब्रांड और 8 मसालों के नमूने असुरक्षित मिले, बाजार से स्टॉक वापस मंगाने की प्रक्रिया शुरू
भोपाल: मध्य प्रदेश में खाद्य सुरक्षा को लेकर एक बेहद चिंताजनक स्थिति सामने आई है। खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा की गई जांच के दौरान घी के 42 ब्रांड असुरक्षित (Unsafe) पाए गए हैं। इसके अलावा मसालों के 8 सैंपल भी मानदण्डों पर खरे नहीं उतरे हैं। इन मिलावटी और असुरक्षित खाद्य पदार्थों का सेवन आम जनता की सेहत के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है। इसे देखते हुए प्रशासन ने संबंधित ब्रांड्स के बाजार में उपलब्ध स्टॉक को वापस मंगाने और उनकी बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
मुख्य बिंदु (Highlights)
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किन जिलों में सामने आईं खामियां: खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमों द्वारा इंदौर, छिंदवाड़ा, धार, नर्मदापुरम, उज्जैन, दमोह, कटनी और दतिया सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों से खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए थे, जिनकी रिपोर्ट आने के बाद यह बड़ी कार्रवाई की जा रही है।
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घी के प्रमुख असुरक्षित ब्रांड: जांच रिपोर्ट में अनिक, श्रीमूल एगमार्क शुद्ध घी, वास्तु एगमार्क देशी घी, गऊसंत प्रीमियम काउ घी, गुमर प्योर काउ घी, श्री शुद्ध एगमार्क प्योर घी, सात्विक फ्रेश देसी घी, एसआरएमआई मिल्क क्रीम एगमार्क काउ घी, अमृत शुद्ध घी, नंद कृष्णा घी, मधुसूदन देशी घी, संगाथ काउ घी, ब्रजवासी काठ देशी घी, पतंजलि काउ घी, डेयरी सरस घी और जेबीएस ऑर्गी ब्रांड गाय का घी सहित कुल 42 ब्रांड्स को असुरक्षित पाया गया है। विभाग ने लोगों से इन ब्रांड्स के उत्पादों का उपयोग न करने की अपील की है।
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मसालों के सैंपल भी फेल: घी के अलावा प्रदेश में 8 प्रमुख मसालों के नमूने भी ‘अनसेफ’ श्रेणी में पाए गए हैं, जो उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ को उजागर करते हैं।
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प्रशासनिक कार्रवाई: खाद्य सुरक्षा विभाग ने इन सभी संदिग्ध और असुरक्षित पाए गए उत्पादों के स्टॉक को बाजार से तुरंत हटाने के निर्देश दिए हैं तथा संबंधित निर्माताओं और विक्रेताओं के खिलाफ नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है।




