एग्रसर इंडिया (AgrasarIndia)
भोपाल / राजनीतिक एवं विधायी डेस्क
मध्य प्रदेश विधानसभा में आगामी शीतकालीन सत्र से लागू होगी पेपरलेस प्रणाली: नेवा (NeVA) के जरिए ऑनलाइन मिलेंगे प्रश्नों के उत्तर और संदर्भ
भोपाल: मध्य प्रदेश विधानसभा में तकनीकी और डिजिटल बदलाव की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया जाने वाला है। आगामी शीतकालीन सत्र से विधानसभा की पूरी कार्यप्रणाली पेपरलेस (Paperless) हो जाएगी। अब विधायकों को सदन में चर्चा के लिए जरूरी संदर्भ और प्रश्नों के उत्तर ऑनलाइन ही उपलब्ध कराए जाएंगे। बुधवार को राष्ट्रीय ई-विधान एप्लीकेशन (नेवा) के तहत आयोजित विधायकों के तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने इस बात की घोषणा की।
मुख्य बिंदु (Highlights)
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शीतकालीन सत्र से पेपरलेस व्यवस्था: विधानसभा के आगामी सत्र से पारंपरिक कागजी कार्रवाई को अलविदा कहते हुए पूरी तरह से डिजिटल और पेपरलेस प्रणाली लागू की जाएगी।
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ऑनलाइन मिलेंगे उत्तर और संदर्भ: विधायकों को उनके द्वारा पूछे गए प्रश्नों के उत्तर ऑनलाइन ही मिलेंगे। इसके अलावा सदन में किसी विशेष विषय पर चर्चा के दौरान आवश्यक संदर्भ भी डिजिटल माध्यम से ही उपलब्ध कराए जाएंगे। सुरक्षा और प्रामाणिकता के लिए प्रश्नों के उत्तर प्राप्त करने हेतु ओटीपी (OTP) व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है।
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बढ़ी प्रश्नों की संख्या: विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने बताया कि पहले जब सदस्य हाथ से प्रश्न लिखकर जमा करते थे, तब एक सत्र में औसतन 700 प्रश्न आते थे; लेकिन ऑनलाइन व्यवस्था होने के बाद यह संख्या बढ़कर 4 हजार तक पहुंच गई है, जो जनता और उनके क्षेत्रों की सक्रिय आवाज को दर्शाता है।
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डिजिटल इंडिया और नेवा का उद्देश्य: प्रधानमंत्री नरेंद्र देश की सभी विधानसभाओं और संसद को एक मंच पर लाने के विजन के तहत ‘नेवा’ (National e-Vidhan Application) योजना तैयार की गई है, जिससे समय की बचत और पारदर्शिता दोनों सुनिश्चित हो रहे हैं।
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प्रशिक्षण कार्यक्रम: तीन दिवसीय इस विशेष प्रशिक्षण शिविर में सभी माननीय सदस्यों के साथ उनके सहयोगियों/स्टाफ को भी ई-विधान प्रणाली का सही ढंग से उपयोग करने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि विधायी कार्य सुचारू रूप से चल सकें।




