एग्रसर इंडिया (AgrasarIndia) भोपाल डेस्क टीम
मध्य प्रदेश में खाद वितरण व्यवस्था होगी और पारदर्शी: 24 घंटे बनेंगे ई-टोकन, रोजाना की लिमिट बढ़कर 500 हुई; फसल खराब होने पर दोबारा मिलेगी खाद
भोपाल: मध्य प्रदेश में किसानों को खाद वितरण व्यवस्था में आ रही दिक्कतों को दूर करने के लिए शासन स्तर पर बड़े सुधारों की तैयारी कर ली गई है। किसान आंदोलन में मुद्दा उठाए जाने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर गठित समिति ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। कृषि उत्पादन आयुक्त केसी गुप्ता की अध्यक्षता वाली इस समिति की सिफारिशों के आधार पर अब राज्य में ई-टोकन व्यवस्था को और अधिक सुगम और पारदर्शी बनाया जा रहा है, जिससे किसानों को लंबी कतारों और परेशानियों से निजात मिल सके।
मुख्य बिंदु (Highlights)
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24 घंटे मिलेंगे ई-टोकन: किसानों की सुविधा के लिए अब पूरे प्रदेश में 24 घंटे ई-टोकन बनाने की व्यवस्था लागू की जाएगी, ताकि सर्वर या समय की बाध्यता से राहत मिल सके।
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टोकन की दैनिक लिमिट बढ़ी: मांग अधिक होने पर एक दिन में जारी होने वाले टोकन की संख्या 300 से बढ़ाकर 500 तक करने का प्रावधान किया गया है।
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दोबारा बोवनी पर भी खाद: यदि किसी प्राकृतिक आपदा या अन्य कारण से फसल खराब हो जाती है और किसान को दोबारा बोवनी करनी पड़ती है, तो एसडीएम से सत्यापन के बाद उन्हें दोबारा खाद का ई-टोकन मिल सकेगा।
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मोबाइल पर मिलेगी सटीक जानकारी: खाद की उपलब्धता, वितरण केंद्रों की स्थिति और अन्य जरूरी जानकारियां किसानों को सीधे उनके मोबाइल पर पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराई जाएंगी।
समिति की सिफारिशों से सुधरेगी व्यवस्था
हर साल रबी और खरीफ सीजन में खाद वितरण को लेकर आने वाली समस्याओं के समाधान के लिए समिति ने नर्मदापुरम, हरदा समेत कई जिलों का दौरा कर जमीनी हकीकत जानी थी। किसानों की शिकायतों (जैसे सर्वर डाउन रहना, टोकन न मिलना और स्टॉक में खाद दिखने के बावजूद न मिलना) को ध्यान में रखते हुए ये नए बदलाव किए जा रहे हैं।
शासन स्तर से अंतिम मुहर लगने के बाद इन नई व्यवस्थाओं को जल्द ही धरातल पर उतार दिया जाएगा, जिससे अन्नदाताओं को समय पर और सुगमता से खाद मिल सकेगी।




